जामुड़िया :- जामुड़िया विधानसभा क्षेत्र के वार्ड संख्या-3 स्थित 10 नंबर इलाके में शनिवार को आयोजित माकपा के एक रक्तदान शिविर में भारी राजनीतिक तनाव उत्पन्न हो गया। यह कार्यक्रम माकपा के दिवंगत नेता और पूर्व सांसद विकास चौधरी की पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित किया गया था। तनाव उस समय चरम पर पहुंच गया जब माकपा की वरिष्ठ नेत्री मीनाक्षी मुखर्जी मंच से सभा को संबोधित कर रही थीं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इसी दौरान भाजपा के मंडल चार सचिव राजू गांगुली और युवा अध्यक्ष विशाल गांगुली कार्यक्रम स्थल पर पहुंच गए। मंच से ही मीनाक्षी मुखर्जी और भाजपा नेताओं के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई, जिसके बाद दोनों दलों के कार्यकर्ताओं के बीच तीखी कहासुनी और टकराव की स्थिति पैदा हो गई।
माकपा नेत्री मीनाक्षी मुखर्जी ने कड़ा ऐतराज जताते हुए आरोप लगाया कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने कार्यक्रम में बाधा डालने का प्रयास किया और तानाशाही दिखाते हुए कहा कि यहां सभा करने की अनुमति नहीं दी जा सकती। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि टीएमसी के शासन की तरह ही अब भाजपा राज में भी विपक्षी दलों के कार्यक्रमों में गड़बड़ी पैदा की जा रही है। मीनाक्षी ने पुलिस से हंगामा करने वाले भाजपा कार्यकर्ताओं की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की।
दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी ने माकपा के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। भाजपा के मंडल अध्यक्ष संजय सिंह ने कहा कि माकपा नेता रक्तदान शिविर जैसे पवित्र सामाजिक कार्यक्रम की आड़ में भाजपा के खिलाफ राजनीतिक बयानबाजी कर रहे थे। भाजपा कार्यकर्ताओं ने केवल शालीनता से इसका विरोध करते हुए पूछा था कि शिविर में राजनीति क्यों हो रही है। भाजपा का उल्टा आरोप है कि माकपा नेता अब्दुल कयुम ने उन्हें धमकाया। हालांकि, मौके पर मौजूद पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए तत्काल हस्तक्षेप किया और दोनों पक्षों को शांत कराकर किसी भी बड़े टकराव को टाल दिया, जिसके बाद कार्यक्रम आगे बढ़ सका।






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