रानीगंज :- चीनी समेत अन्य रोजमर्रा की आवश्यक खाद्य सामग्रियों की आसमान छूती कीमतों और संभावित कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए मुख्यमंत्री के निर्देशों के तहत प्रशासनिक कार्रवाई तेज हो गई है। इसी क्रम में शनिवार को रानीगंज बाजार के विभिन्न व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और गोदामों में पुलिस प्रशासन तथा संबंधित विभागों द्वारा एक संयुक्त जांच अभियान चलाया गया। इस अभियान में कृषि विभाग, कंज्यूमर अफेयर्स डिपार्टमेंट, एग्री मार्केटिंग विभाग और आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट के अधिकारी शामिल रहे।
प्रशासनिक टीम ने श्याम मंदिर के निकट एनएसबी रोड स्थित बासु केडिया, शिशु बगान मोड़ स्थित अरुण राजपुरिया, दाल पट्टी मोड़ स्थित राममूर्ति शर्मा और बर्न्स प्लट स्थित अरूमय कुंडू के चीनी एवं अन्य खाद्य सामग्रियों के प्रमुख प्रतिष्ठानों पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। अभियान के दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने गोदामों और दुकानों में प्रवेश कर वास्तविक स्टॉक और रजिस्टर का गहनता से मिलान किया ताकि जमाखोरी का पता लगाया जा सके। इसके अलावा, व्यापारियों द्वारा थोक दर पर खरीदी गई सामग्री और खुदरा दर के अंतर यानी मार्जिन को खंगाला गया ताकि कृत्रिम रूप से दाम बढ़ाने की गुंजाइश न रहे। अधिकारियों ने खाद्य सामग्रियों की खरीद से संबंधित वैध बिलों और कागजात का निरीक्षण किया।
जांच के बाद सेंट्रल डीसीपी ध्रुव दास ने बताया कि रानीगंज बाजार के पांच बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और गोदामों का निरीक्षण किया गया है। फिलहाल किसी भी प्रतिष्ठान में अनियमितता या जमाखोरी का मामला सामने नहीं आया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आम जनता को राहत देने के लिए आगे भी यह अभियान जारी रहेगा।
दूसरी ओर, पुलिस प्रशासन की तरफ से एक दर्जन से अधिक गाड़ियों के लंबे-चौड़े काफिले और भारी पुलिस बल के साथ रानीगंज बाजार में चलाए गए इस औचक जांच अभियान से व्यापारी वर्ग में थोड़ा दहशत का माहौल बन गया और आम लोगों के बीच भी विभिन्न तरह की चर्चाएं होने लगीं, जिससे व्यापारी वर्ग खुद को असहज महसूस कर रहा है। अभियान के दौरान ही रानीगंज चेम्बर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष जुगल किशोर गुप्ता, रोहित खेतान व मनोज केशरी ने रानीगंज थाना के आईसी सुबीर कर्मकार के पास पास पहुंच कर बातचीत की और उन्हें अपनी चिंता से अवगत कराया।
इसे लेकर रानीगंज चैंबर ऑफ कॉमर्स की तरफ से शनिवार को एक आपात बैठक की गई। चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष जुगल किशोर गुप्ता ने कहा कि पुलिस प्रशासन की तरफ से अभियान चलाया जाए और जांच की जाए, इस पर हमें कोई आपत्ति नहीं है। परंतु जिस तरह से पुलिस प्रशासन के अधिकारी एक दर्जन से ज्यादा गाड़ियों के काफिले और भारी पुलिस बल के साथ जांच के लिए पहुंच रहे हैं, उससे थोड़ा पैनिक माहौल बन रहा है जो चिंता का विषय है और इस पर प्रशासन को ध्यान देने की आवश्यकता है।







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