रानीगंज कन्हैया लाल भगवान दास सराफ स्मृति भवन के कार्यकारिणी समिति के चुनाव की मांग पर अमरण अनशन पर बैठा मारवाड़ी समाज का युवक


श्री श्री सीताराज भवन एस्टेट के अध्यक्ष ने कहा - लोकतांत्रिक व्यवस्था कायम होनी चाहिए

रानीगंज :- 150 साल प्राचीन शहर रानीगंज में स्थित मारवाड़ी समाज की अन्य एक महत्वपूर्ण संस्था कन्हैया लाल भगवान दास सराफ स्मृति भवन के कार्यकारिणी समिति का चुनाव पिछले 35 सालों से नहीं हो रहा है। श्री श्री सीताराम जी भवन एस्टेट की 5 यूनिटों में केवलमात्र सराफ भवन के कार्यकारिणी समिति में चुनाव नहीं हो रहा है। रानीगंज शहर के सीआर रोड स्थित श्री श्री सीताराम जी भवन एस्टेट की यूनिट श्री सीताराम जी मंदिर, श्री महावीर व्यायाम समिति, मारवाड़ी युवा सम्मेलन एवं सीताराम जी भवन की कार्यकारिणी समिति के चुनाव लोकतांत्रिक पद्धति कराए जा रहे है। परन्तु श्री श्री सीताराम जी भवन एस्टेट की ही यूनिट कन्हैया लाल भगवान दास सराफ स्मृति भवन में पिछले 35 सालों से चुनाव नहीं कराए जा रहे है एवं लोकतांत्रिक व्यवस्था को दरकिनार कर कन्हैया लाल भगवान दास सराफ स्मृति भवन का संचालन किया जा रहा है। इस पर मारवाड़ी समाज के एक वर्ग ने बराबर विरोध करते आ रहा है और लोकतांत्रिक व्यवस्था कायम करते हुए श्री श्री सीताराम जी भवन एस्टेट की अन्य यूनिटों की तरह इस युनिट में भी चुनाव कराने की मांग कर रहा है। बताया जाता है कि सन् 1990 में कन्हैया लाल भगवान दास सराफ स्मृति भवन का निर्माण कराया गया था और इसके संचालन का दायित्व श्री श्री सीताराम जी भवन एस्टेट कमेटी ने स्वर्गीय काशीनाथ झुनझुनवाला एवं मनोज सराफ को देखरेख की जिम्मेदारी सौंपी थी और जल्द से जल्द चुनाव कराने की भी बात कही थी। किन्तु एक बार और सामने आ रही है कि इस भवन का निर्माण स्वर्गीय बजरंगलाल जी सराफ ने स्वंय खड़ा होकर अपनी देखरेख में करवाया था। उस वक्त पांच लोगो की कमेटी थी। इनमें बजरंग लाल जी सराफ के अलावा विनोद कुमार कालोटिया, ओम प्रकाश कानोड़िया, सीताराम गोयनका एवं ओम प्रकाश केडिया शामिल थे। किन्तु अग्रिम भूमिका में स्वर्गीय बजरंग लाल जी सराफ ने निस्वार्थ भाव से निभायी थी। निर्माण के पश्चात श्री श्री सीताराम जी एस्टेट कमेटी ने काशीनाथ झुनझुनवाला और मनोज सराफ को देखरेख की जिम्मेदारी सौंपी थी। इसके बाद 35 सालों से यह प्रक्रिया यूं ही चली आ रही है। मारवाड़ी समाज के युवा व्यवसायी राजा गोयनका ने 35 साल से चली आ रही इस परंपरा को तोड़ने के लिए आगे आए है। रविवार की रात चुनाव की मांग पर अनशन में बैठने की खबर मिलते ही रानीगंज थाना में राजा थाने में राजा गोयनका को बुलाया गया किन्तु राजा गोयनका अपनी पूर्व निर्धारित अनशन के कार्यक्रम पर अडिग रहा और सोमवार को निर्धारित कार्यक्रम के तहत श्री श्री सीताराम जी भवन एस्टेट के परिसर में अमरण अनशन पर बैठ गया। राजा गोयनका के इस मांग के समर्थन में मारवाड़ी समाज के अन्य प्रबुद्ध नागरिक भी शामिल हुए। इस बारे में ओक प्रकाश केड़िया का कहना है कि हमारा यह विचार है कि अब तक जो होता आ रहा है, उसे भूलकर वर्तमान कमेटी यहां पर लोकतांत्रिक व्यवस्था कायम करने के लिए चुनाव कराए। 


रमेश झुनझुनवाला ने कहा कि मारवाड़ी समाज के लोगो ने बड़ी मेहनत और लगन के साथ यह सम्पति कायम की है। हमे अपने समाज के पूर्वजो के भावनाओं को सम्मान देते हुए यहां पर चुनाव कराकर सत्य रास्ते पर चलना चाहिए। समाज में किसी तरह की गैर जिम्मेदाराना वाक्यों को कतई समर्थन नहीं करना चाहिए। राजा गोयनका के इस अनशन में हमारा पूर्ण सहयोग है।

ललित खेतान ने कहा कि अगर यह नीजी सम्पति है तो इस बात का खुलासा पूरे तथ्यों के साथ  होना चाहिए और निजी संपत्ति नहीं है तो यहां पर लोकतांत्रिक व्यवस्था कायम कराते हुए चुनाव कराकर सम्पति को समाज को सुपुर्द कर देना चाहिए।

दीपक कालोटिया ने कहा कि मारवाड़ी समाज हमेशा ही सेवा भाव के प्रति अग्रसर रहा है। हमे समाज की इस व्यवस्था को सम्मान देते हुए चुनाव करानी चाहिए। क्योंकि समाज के अन्य सभी संस्थाओं में चुनाव होकर कमेटियां बनायी जा रही है और संस्था का विकास भी हो रहा है। अगर नीजी सम्पति नहीं है तो लोकतांत्रिक व्यवस्था अवश्य कायम होनी चाहिए।

संजय झुनझुनवाला उर्फ लाला ने कहा कि मारवाड़ी समाज के लोगो से अपील की है कि इस समास्या का भी समाधान समाज के लोग अग्रिम भूमिका निभाते हुए समाधान करे। क्योंकि हमारे समाज का यह इतिहास रहा है कि कोई भी कितनी भी जटिल क्यो न हो, उसका हल निकाला भी जाता है।

प्रमोद खेतान ने कहा कि इस बात का खुलासा अवश्य हो जाना चाहिए कि आखिरकार कन्हैया लाल भगवान दास सराफ स्मृति भवन की वास्तु स्थिति क्या है। उसी के अनुरुप निर्णय लेकर चुनाव की प्रक्रिया पर अंतिम निर्णय लेनी चाहिए।

राजा गोयनका के अनशन पर अपनी सहमती जताते हुए मनीश शर्मा ने कहा कि रानीगंज में मारवाड़ी समाज की सभी संस्था लोकतांत्रिक व्यवस्था कायम करते हुए सुचारु रुप से चल रही है। केवलमात्र सराफ भवन में ही ऐसा नहीं हो रहा है। यह त्रुटि मारवाड़ी समाज के लिए अच्छे संकेत नहीं है। मारवाड़ी समाज के प्रबुद्ध लोगो को आगे आकर समस्या का हल निकलना चाहिए।

चुनाव की मांग पर अमरण अनशन पर बैठे राजा गोयनका ने कहा कि समाज से मैं यह पूछना चाहता हूं कि कन्हैया लाल भगवान दास सराफ स्मृति भवन निजी संपत्ति है या श्री श्री सीताराम जी भवन स्टेट की इकाई है। अगर यह श्री श्री सीताराम जी भवन की इकाई है तो इसे इकाई के रूप में सम्मिलित किया जाए और अगर निजी है तो इसे स्पष्ट रूप से निजी घोषित किया जाए। उन्होंने बताया कि डेढ़ साल पहले वर्ष 2024 में दोनों संस्थाओं को इस संबंध में पत्र लिखा गया था। उस समय युवा सम्मेलन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए चुनाव करवाया था। मनोज सराफ के साथ बात हुई थी तो उन्होंने 6 महीने में इस कार्य को पूरा करने का आश्वासन दिया था, लेकिन चुनाव की मांग को लगातार टाला जाता रहा। इसी से क्षुब्ध होकर आमरण अनशन पर बैठना पड़ा।

वहीं, इस बीच श्री श्री सीताराम जी भवन एस्टेट के अध्यक्ष जुगल किशोर गुप्ता का कहना है कि कन्हैया लाल भगवान दास सराफ स्मृति भवन श्री श्री सीताराम जी भवन स्टेट की ही दूसरी यूनिट है। उन्होंने कहा कि परिचालन के लिए अलग कमेटी बनाने की बात हुई थी, लेकिन किन्हीं कारणों से वह कमेटी नहीं बन पाई। उन्होंने कहा कि जो पुराने कागजात हैं, उन्हें देखकर नियमों के अनुसार समाज के हित में जो होगा वही होना चाहिए। चाहे कोई भी कारण रहा हो सराफ भवन में अब तक चुनाव नहीं हो सके।। अब अगर समाज वहां चुनाव चाहता है तो वही होगा। समाज के प्रबुद्ध लोग आकर बैठक करें, कागजात देखें, मैं भी उनके साथ उपस्थित रहूंगा। 10-12 लोगों की कमेटी बना दी जाएगी और वे सभी कागजात लेकर आगे की कार्रवाई करेंगे।

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