कोलकाता :- दक्षिण दिनाजपुर के बालूरघाट में नशीले पदार्थों के खिलाफ एक बड़ा अभियान देखने को मिला। जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय के समक्ष जब्त की गई लगभग 2 लाख प्रतिबंधित कफ सिरप की बोतलों को जमीन पर बिछाया गया था, जिन पर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने स्वयं रोड रोलर चलाकर उन्हें नष्ट कर दिया। इस दौरान उनके साथ केंद्रीय मंत्री और बालूरघाट के सांसद सुकांत मजूमदार भी रोलर पर सवार थे। दोनों ने सुरक्षा के मद्देनजर हेलमेट पहन रखा था, जबकि राज्य के स्वास्थ्य मंत्री शारद्वत मुखर्जी भी इस अवसर पर उपस्थित रहे।
केंद्र सरकार ने वर्ष 2029 तक 'नशा मुक्त भारत' बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसी दिशा में कदम बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री ने युवाओं से नशे की लत से दूर रहने की अपील की। प्रतिबंधित कफ सिरप को नष्ट करने के बाद उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम का प्राथमिक संदेश युवा पीढ़ी को नशे के जाल से बाहर निकालना है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस कथन का भी उल्लेख किया जिसमें कहा गया था कि क्षणिक नशा पूरे जीवन को तबाही की ओर धकेल सकता है।
अधिकारियों के अनुसार, जब्त की गई नशीली सिरप की यह बड़ी खेप बांग्लादेश तस्करी किए जाने की योजना थी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि पिछले चार महीनों में सीमा सुरक्षा बल और पुलिस के संयुक्त अभियानों के तहत यह बरामदगी की गई है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि जो लोग इस अवैध कारोबार में संलिप्त पाए जाएंगे, उन्हें वर्षों तक जेल की सलाखों के पीछे रहना पड़ेगा।
उल्लेखनीय है कि गुजरात, बिहार और असम जैसे राज्यों में भी पूर्व में इसी तरह रोड रोलर चलाकर नशीले पदार्थों और शराब की बोतलों को नष्ट किया जाता रहा है। मुख्यमंत्री पद संभालने के बाद सुवेंदु अधिकारी की यह पहली बालूरघाट यात्रा थी। इस जन-जागरूकता कार्यक्रम के बाद उनका प्रशासनिक बैठकों में हिस्सा लेने और बालूरघाट हवाई अड्डे का निरीक्षण करने का भी कार्यक्रम तय किया गया है।



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