Durgapur बना साइबर ठगों का नया ठिकाना, पुलिस की छापेमारी में 10 और गिरफ्तार

दुर्गापुर (राम बाबू यादव) :- साइबर ठगी का गढ़ माने जाने वाले झारखंड के जामताड़ा, देवघर और गिरिडीह के साइबर अपराधियों ने अब औद्योगिक शहर दुर्गापुर को अपना नया 'सेफ जोन' बना लिया है। शुक्रवार की रात आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट के निर्देश पर दुर्गापुर थाना पुलिस ने शहर के विभिन्न इलाकों में व्यापक अभियान चलाकर साइबर धोखाधड़ी के आरोप में 10 लोगों को गिरफ्तार किया। शनिवार को सभी आरोपियों को दुर्गापुर महकमा अदालत में पेश किया गया।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस की टीमों ने नसीम नगर, मस्जिद मोहल्ला, सोनार तरी सहित कई आवासीय क्षेत्रों और होटलों में एक साथ छापेमारी की। इस दौरान साइबर अपराध में संलिप्त 10 संदिग्धों को धर दबोचा गया, जिनमें से एक आरोपी झारखंड का निवासी बताया जा रहा है। जांच में इस गिरोह के तार झारखंड के कुख्यात 'जामताड़ा गैंग' से जुड़े होने के मजबूत सुराग मिले हैं। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कई लप्ततॉप, मोबाइल फोन, विभिन्न बैंकों की पासबुक और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए हैं।


उल्लेखनीय है कि दुर्गापुर में पिछले कुछ दिनों से साइबर अपराधियों के खिलाफ पुलिस का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। इससे पूर्व गत 8 सितंबर को दुर्गापुर रेलवे स्टेशन के समीप साधुडांगा स्थित एक होटल से पुलिस ने चार आरोपियों को दबोचा था। इसके अगले ही दिन 9 सितंबर को कांदा रोड इलाके में छापेमारी कर 5 अन्य संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया था, जो फिलहाल पुलिस रिमांड पर हैं।

दुर्गापुर में लगातार हो रही इन ताबड़तोड़ गिरफ्तारियों से यह साफ हो गया है कि जामताड़ा और आसपास के क्षेत्रों के साइबर ठग पुलिसिया कार्रवाई से बचने के लिए दुर्गापुर के किराए के मकानों व होटलों में शरण लेकर देशभर में ठगी के नेटवर्क का संचालन कर रहे हैं। फिलहाल पुलिस जब्त इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और दस्तावेजों की जांच कर इस पूरे अंतर्राज्यीय गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी हुई है।

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