रानीगंज थाना के IC सुबीर कर्मकार का अचानक तबादला, पार्थ घोष बने नए थाना प्रभारी

रानीगंज :- आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट (ADPC) के अंतर्गत रानीगंज थाना के इंस्पेक्टर इन-चार्ज (IC) सुबीर कर्मकार का अचानक स्थानांतरण कर दिया गया है। पश्चिम बंगाल पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी आधिकारिक निर्देश पत्र के अनुसार, रानीगंज थाना प्रभारी सुबीर कर्मकार को अब पूर्व बर्दवान जिला के डीईबी (DEB) में इंस्पेक्टर ऑफ पुलिस पद पर स्थानांतरित किया गया है। वहीं, बांकुड़ा जिला डीआईबी (DIB) में तैनात इंस्पेक्टर ऑफ पुलिस पार्थ घोष को रानीगंज थाना का नया आईसी नियुक्त किया गया है। सुबीर कर्मकार ने विधानसभा चुनाव से पहले रानीगंज थाना के IC का पदभार ग्रहण किया था और लगभग 6 महीने के भीतर ही उनका ट्रांसफर हो गया है। 

डीजी एवं आईजीपी (लॉ एंड ऑर्डर) अजय मुकुंद रानाडे द्वारा जारी इस आदेश में कुल आधा दर्जन पुलिस अधिकारियों के तबादले और नई तैनाती के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि, इनमें सबसे ज्यादा चर्चा सुबीर कर्मकार के ट्रांसफर को लेकर हो रही है। पुलिस महकमे के साथ-साथ राजनीतिक गलियारों में भी उनके अचानक हुए तबादले को लेकर तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं, क्योंकि हाल के दिनों में वह काफी चर्चा में रहे थे।

उल्लेखनीय है कि गत 14 अगस्त को रानीगंज रेलवे स्टेशन के पास भाजपा और विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं के बीच हिंसक झड़प हुई थी, जिसमें आधा दर्जन से अधिक कार्यकर्ता घायल हुए थे। इस मामले में शुभम राऊत की शिकायत पर पुलिस ने भाजपा के रानीगंज शहर मंडल-1 के तत्कालीन अध्यक्ष शमशेर सिंह और बादशाह चटर्जी समेत अन्य के खिलाफ एससी-एसटी अत्याचार अधिनियम सहित गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की थी।


भाजपा नेताओं पर एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज होने के बाद आईसी सुबीर कर्मकार भाजपा कार्यकर्ताओं के निशाने पर आ गए थे। आनंद साव के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने थाने पहुंचकर कड़ा विरोध दर्ज कराया था, जहां आईसी सुबीर कर्मकार और आनंद साव के बीच तीखी नोकझोंक हुई थी। इस घटना का वीडियो वायरल होते ही हड़कंप मच गया था। स्थिति को संभालते हुए भाजपा जिला नेतृत्व ने डैमेज कंट्रोल के तहत मंडल कमेटी भंग कर शमशेर सिंह को मंडल अध्यक्ष पद से हटाया तथा देवजीत खां को नया संयोजक नियुक्त किया, जबकि आनंद साव को भी सभी पदों से हटा दिया गया।

हाल ही में शमशेर सिंह और बादशाह चटर्जी को कोर्ट से जमानत मिलने पर कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया था। इस पूरे घटनाक्रम के महज एक महीने के भीतर थाना प्रभारी के इस अचानक हुए तबादले को लेकर क्षेत्र के पुलिस और प्रशासनिक हलकों में चर्चाओं का बाजार बेहद गर्म है।

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