कोलकाता :- रंगदारी मांगने और धमकी देने के गंभीर आरोपों में गिरफ्तारी की आशंका के बीच बर्दवान-दुर्गापुर लोकसभा क्षेत्र से तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसद और पूर्व क्रिकेटर कीर्ति आजाद को कोलकाता उच्च न्यायालय से बड़ी राहत मिली है। अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति कौशिक चंद की पीठ ने पुलिस को उनके खिलाफ फिलहाल कोई भी कड़ा कदम न उठाने का निर्देश दिया है। हालांकि, कलकत्ता हाईकोर्ट ने सांसद। कीर्ति आजाद को जांच में CID को पूरी तरह सहयोग करने के आदेश दिए हैं।
मामले की जांच कर रही राज्य पुलिस की सीआईडी ने सांसद कीर्ति आजाद को समन जारी किया था। कलकत्ता हाईकोर्ट ने निर्देश दिया है कि कीर्ति आजाद को आगामी 22 सितंबर को सीआईडी कार्यालय में पूछताछ के लिए उपस्थित होना होगा। इसके बाद यदि सीआईडी को पुनः पूछताछ की आवश्यकता होती है, तो उन्हें सात दिन पहले नोटिस देना अनिवार्य होगा।
गौरतलब है कि रानीगंज के निवासी राहुल घोष ने आरोप लगाया था कि पिछले वर्ष 21 मई को उन्हें सांसद के दुर्गापुर स्थित बंगले पर बुलाकर रंगदारी मांगी गई थी और पैसे न देने पर धमकी दी गई थी। इस मामले में सांसद कीर्ति आजाद और उनके सहयोगियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। दूसरी ओर, सांसद कीर्ति आजाद ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए इसे राजनीतिक साजिश बताया है। उन्होंने अदालत में प्रस्तुत हवाई यात्रा के टिकटों का हवाला देते हुए कहा कि घटना वाले दिन वह दुर्गापुर में मौजूद ही नहीं थे, साथ ही 15 महीने की देरी से दर्ज कराई गई एफआईआर पर भी सवाल उठाए हैं।


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