रानीगंज :- दुर्गा पूजा के चार दिन जहाँ पूरा शहर रोशनी और ढाक की आवाज के बीच खुशियों के रंग में डूबा है, वहीं वृद्धाश्रम की चारदीवारी में रहने वाले बुजुर्गों के लिए यह समय अक्सर तन्हाई लेकर आता है। इसी तन्हाई को खुशी में बदलने के लिए रानीगंज ट्रैफिक गार्ड के प्रभारी सतीनाथ शील ने मानवीय पहल की। दरअसल पुलिस की गाड़ी वृद्धाश्रम के सामने आकर रुकी। करीब 10 बुजुर्ग को लेकर एक अलग तरह की पूजा परिक्रमा शुरू हुई। ट्रैफिक प्रभारी सतीनाथ शील के नेतृत्व में ट्रैफिक गार्ड के जवानों ने बुजुर्गों का हाथ थामकर, उन्हें संभालते हुए शहर के बड़े-बड़े पूजा पंडालों के दर्शन कराए। भीड़ बढ़ने से पहले सुबह-सुबह दर्शन की विशेष व्यवस्था की गई ताकि बुजुर्गों को कोई परेशानी न हो। माँ दुर्गा की प्रतिमा देख कई बुजुर्गों की आँखें भर आईं। इस दौरान सभी के लिए टिफिन और जलपान की भी व्यवस्था की गई थी। परिक्रमा के बाद जब उन्हें सुरक्षित वृद्धाश्रम वापस लाया गया तो सभी के चेहरे पर संतोष की मुस्कान थी। एक बुजुर्ग ने कहा कि आज लगा हम भी पूजा में शामिल हैं, हमें भी किसी ने याद रखा है।


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