जमुई के चकाई में 3,400 करोड़ रुपये का निवेश, बिहार को उद्योग और स्किल हब बनाने की दिशा में बड़ा कदम: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी

आसनसोल :- जमुई के चकाई से बिहार में औद्योगिक विकास को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने चकाई प्रखंड में निर्माणाधीन Ankur Biochemical Pvt Ltd के Ethanol Plant का निरीक्षण किया और परियोजना की प्रगति की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार को उद्योग और Skill का Hub बनाना सरकार की प्राथमिकता है और राज्य को देश-दुनिया के औद्योगिक मानचित्र पर स्थापित करने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है। 105 एकड़ में विकसित हो रहे इस Ethanol Plant में मार्च 2027 तक उत्पादन शुरू होने की संभावना है। परियोजना के निदेशक और उद्योगपति Mahendra Sharma ने मुख्यमंत्री को प्लांट की कार्यप्रणाली और निर्माण की विस्तृत जानकारी दी।    Ankur Biochemical Pvt Ltd के *Ethanol Plant* के Director एवं पश्चिम बंगाल के जानेमाने प्रतिष्टित उद्योगपति Mahendra Sharma ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी  को न केवल  निर्माणाधीन कारखाने का परिदर्शन कराया बल्कि बिस्तृत जानकारी भी उपलब्ध करायी। कारखाने की कार्यपद्धति को समझ कर बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी काफी प्रसन्न हुए।  प्लांट की प्रस्तावित उत्पादन क्षमता प्रतिदिन 1 हजार Kiloliter होगी, जबकि यहां 20 Megawatt की Captive Power Generation सुविधा भी विकसित की जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक संयंत्र को प्रतिदिन करीब 30 हजार क्विंटल अनाज की जरूरत होगी, जिससे स्थानीय किसानों के लिए उनकी उपज का एक स्थायी बाजार तैयार होने की उम्मीद है। साथ ही Zero Liquid Discharge यानी ZLD तकनीक अपनाए जाने से जल संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा पर भी जोर दिया जाएगा।



मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में जमुई जिले में प्रस्तावित औद्योगिक परियोजनाओं को लेकर भी महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई। बताया गया कि Ankur Steel Pvt Ltd, Ankur Biochemical Pvt Ltd, CLPM Developers Pvt Ltd और Ankur Traedexia Pvt Ltd की विभिन्न परियोजनाओं के माध्यम से करीब 3,400 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव है। इन परियोजनाओं के धरातल पर उतरने के बाद 10 हजार से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद जताई गई है। वहीं चकाई में औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने के लिए करीब 9 हजार एकड़ भूमि चिह्नित किए जाने की जानकारी भी दी गई। ऐसे में बड़ा सवाल यही है कि क्या यह निवेश जमुई और आसपास के युवाओं के लिए रोजगार के नए दरवाजे खोलेगा और क्या चकाई आने वाले समय में बिहार के प्रमुख औद्योगिक केंद्रों में अपनी पहचान बना पाएगा? सरकार की कोशिश अगर निवेश के साथ स्थानीय युवाओं को Skill Development से जोड़ने और किसानों को बाजार उपलब्ध कराने में सफल होती है, तो इसका असर केवल उद्योग तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को नई गति मिल सकती है। निरीक्षण के दौरान पुलिस-प्रशासन और प्रशासनिक विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।

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