मालदा :- जहां तक नजर जा रही है, सिर्फ पानी ही पानी है। गंगा नदी की लहरों ने खेत से लेकर घर तक सब कुछ निगल लिया है। भुतनी में गंगा का रौद्र रूप देखकर मानचित्र ही बदल गया है। हजारों लोग एक कपड़े में घर छोड़कर राहत शिविरों में रहने को मजबूर हैं। पूजा में एक सप्ताह बाकी है, लेकिन उत्सव का माहौल इनसे कोसों दूर है। ऐसे में बाढ़ पीड़ितों के लिए त्राता बनकर पहुंचे राज्य के मुख्यमंत्री शुभेंदु। बाढ़ग्रस्त मालदा के लिए मुख्यमंत्री ने 242 करोड़ रुपये के राहत पैकेज की घोषणा की है। उन्होंने बताया कि पूरी तरह से क्षतिग्रस्त 24 हजार 595 घरों की मरम्मत के लिए प्रति परिवार 1 लाख 80 हजार रुपये दिए जाएंगे। आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त 22 हजार 340 परिवारों को 90-90 हजार रुपये की सहायता मिलेगी। पूजा के तोहफे के तौर पर 5 हजार परिवारों को कपड़े, मच्छरदानी और खाद्य सामग्री बांटी जाएगी। इससे पहले रतुआ से हेलीकॉप्टर से मुख्यमंत्री ने प्रभावित इलाकों का 20 मिनट तक हवाई सर्वेक्षण किया। मानिकचक में पीड़ितों से मिलकर उन्होंने कहा कि इस पीड़ा से स्थायी मुक्ति का वादा करके जाऊंगा। प्रशासन को 21 सरकारी राहत शिविरों से हर 5 दिन में राहत बांटने और 25 कम्युनिटी किचन से खाना पहुंचाने का निर्देश दिया गया है। पशुओं के लिए भी चारे की व्यवस्था की जाएगी।


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