कोलकाता :- पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालय की ओर से मतदाता सूची को अद्यतन करने के लिए एक महत्वपूर्ण प्रेस नोट जारी किया गया है। इसके तहत राज्य में उन सभी योग्य नागरिकों, विशेषकर युवाओं और पहली बार मतदाता बनने वाले लोगों का नाम दर्ज करने के लिए एक विशेष अभियान चलाया जाएगा, जो अब तक मतदाता सूची में शामिल होने से छूट गए हैं। इस पूरी प्रक्रिया में जिला निर्वाचन अधिकारियों (डीईओ) और निर्वाचक पंजीकरण अधिकारियों (ईआरओ) को मुख्य जिम्मेदारी दी गई है, साथ ही इलेक्टोरल लिटरेसी क्लबों (ईएलसी) को भी इसमें शामिल किया जाएगा। भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) के नए आदेशों के अनुसार, अब फॉर्म 6 जमा करते समय घोषणा पत्र ‘अनेक्सचर-IV’ प्रस्तुत करने की आवश्यकता नहीं होगी। नए नियमों के तहत अब केवल 'रजिस्ट्रेशन ऑफ इलेक्टर्स रूल्स 1960' के अंतर्गत लागू होने वाले मूल फॉर्म ही उपयोग किए जाएंगे। इस अभियान को सुचारू रूप से लागू करने के लिए अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी अरिंदम नियोगी की अध्यक्षता में सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों के साथ एक वीडियो कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। इसमें निर्देश दिए गए हैं कि डीईओ और ईआरओ स्तर पर विशेष सहायता केंद्र (हेल्प डेस्क) स्थापित किए जाएं ताकि कोई भी योग्य नागरिक मतदाता सूची में दर्ज होने से वंचित न रहे।


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