West Bengal दौरे पर पहुंचे RSS प्रमुख मोहन भागवत, पूर्व बर्दवान में संगठन विस्तार पर करेंगे मंथन

कोलकाता/पूर्व बर्दवान :- राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत तीन दिवसीय दौरे पर बुधवार को पश्चिम बंगाल पहुंचे। कोलकाता पहुंचने के बाद वे पूर्व बर्दवान के लिए रवाना हुए और बर्दवान शहर स्थित संघ कार्यालय में प्रवास कर रहे हैं। संघ के 102वें स्थापना दिवस से दो सप्ताह पहले हो रहे इस दौरे का मुख्य उद्देश्य राज्य में संगठनात्मक ढांचे की समीक्षा और शताब्दी वर्ष के बाद जनसंपर्क को संगठन से जोड़ने की रणनीति तय करना है। गुरुवार को वे बर्धमान में उत्तर बंगाल, मध्य बंगाल और दक्षिण बंगाल प्रांत के विभाग स्तर और उससे ऊपर के पदाधिकारियों के साथ बैठक करेंगे।  बैठक में पिछले एक साल में बंगाल में खुली नई शाखाओं का ब्योरा, सांगठनिक विस्तार और अगले साल के सामाजिक कार्यक्रमों की रूपरेखा पर चर्चा होगी। दौरे के दौरान भागवत स्थानीय पदाधिकारियों और चुनिंदा स्वयंसेवकों से अलग-अलग मुलाकात करेंगे। मध्य बंगाल के एक विभाग के स्वयंसेवकों के एकत्रीकरण कार्यक्रम में वे संबोधित भी करेंगे। संघ सूत्रों के अनुसार इस दौरे को बंगाल में संगठन की जमीनी स्थिति जानने के लिहाज से अहम माना जा रहा है।


आरएसएस ने इस राज्य में शाखाओं की संख्या बढ़ाने के लिए तीनों सांगठनिक प्रांतों में दस दिन का विशेष अभियान चलाया था। मध्य बंगाल में यह 25 सितंबर से, जबकि उत्तर और दक्षिण बंगाल में 1 अक्टूबर से शुरू हुआ था। 10 अक्टूबर को महालया है, उसके बाद देवीपक्ष और उत्सव शुरू हो जाएगा, इसलिए महालया तक ही अभियान खत्म किया जा रहा है। अभियान खत्म होने से दो दिन पहले ही भागवत बर्धमान में बैठक कर रहे हैं, इसलिए शाखा वृद्धि का अंतिम आंकड़ा पेश नहीं हो पाएगा। हालांकि 80 से 90 प्रतिशत काम का हिसाब लेकर ही पदाधिकारी सरसंघचालक से मिलेंगे। दक्षिण बंगाल के प्रचार प्रमुख बिप्लब रॉय ने बताया कि शताब्दी वर्ष में 'प्रबुद्ध नागरिक संपर्क' अभियान चलाया गया, जिसमें 800 से अधिक जगहों पर युवा सम्मेलन हुए।

Post a Comment

0 Comments