कोलकाता :- पश्चिम बंगाल में आने वाले दिनों में बुनियादी ढांचे और परिवहन के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक क्रांति होने जा रही है। राज्य के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के साथ नबन्ना में एक उच्च स्तरीय बैठक के बाद घोषणा की है कि आगामी समय में बंगाल में 1 लाख करोड़ रुपये की रेल परियोजनाओं पर काम शुरू होगा। इस महापरियोजना का सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि राज्य का हर एक जिला रेल मानचित्र से जुड़ जाएगा, जिससे आम जनता को आवागमन में अभूतपूर्व सुविधा मिलेगी। बैठक के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने पूर्ववर्ती सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछली राज्य सरकार का केंद्र के साथ हमेशा टकराव का रवैया रहता था। पूर्व मुख्यमंत्री ने कभी रेल मंत्रालय से बातचीत नहीं की और रेल बोर्ड व रेल मंत्री द्वारा बार-बार भेजे गए पत्रों का कोई जवाब नहीं दिया। इसके बावजूद केंद्र सरकार ने पिछले 5 वर्षों में मेट्रो और विभिन्न रेल परियोजनाओं के लिए 4,380 करोड़ रुपये आवंटित किए, जबकि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 14,205 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है और अब सीधे 1 लाख करोड़ रुपये के विकास कार्य जमीन पर उतारे जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने इस महत्वाकांक्षी योजना का विवरण साझा करते हुए बताया कि इस भारी-भरकम निवेश के तहत बंगाल में 102 'अमृत भारत स्टेशन' विकसित किए जाएंगे, साथ ही यातायात को सुगम बनाने के लिए 538 नए फ्लाईओवर और अंडरपास का निर्माण किया जाएगा। राज्य सरकार ने भरोसा दिया है कि इन परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने के लिए जहां भी जमीन की आवश्यकता होगी, उसे बिना किसी बाधा के उपलब्ध कराया जाएगा। रेल चूंकि आम जनता के परिवहन का सबसे बड़ा और सुलभ साधन है, इसलिए बंगाल के जो इलाके अब तक रेल नेटवर्क से अछूते थे, उन्हें मुख्यधारा में लाया जाएगा। मुख्यमंत्री और रेल मंत्री की बैठक में यह तय किया गया है कि करीमपुर, तेहट्ट, जलंगी, गोपीबल्लभपुर, नयाग्राम और हिली समेत बंगाल के उन सभी दूर-दराज के क्षेत्रों को रेल मानचित्र के दायरे में शामिल किया जाएगा, जहां अब तक ट्रेन नहीं पहुंच सकी है।


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