Durgapur में छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म मामले में सहेली समेत 4 गिरफ्तार, कोर्ट में पेशी पर भारी हंगामा

दुर्गापुर (राम बाबू यादव) :- दुर्गापुर में आठवीं कक्षा की एक छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म (गैंगरेप) की रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है। इस मामले में तत्परता दिखाते हुए दुर्गापुर थाना पुलिस ने पीड़िता की सहेली और एक होटल मैनेजर समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान सिमरन तमांग, अजहरुद्दीन मल्लिक, सुबीर दास और राजकुमार दे के रूप में हुई है, जिनमें राजकुमार दे उस होटल का मैनेजर है जहाँ इस वारदात को अंजाम दिया गया। सोमवार को जब पुलिस ने सभी आरोपियों को दुर्गापुर उप-मंडल न्यायालय (सब्डीविशनल कोर्ट) में पेश किया, तो वहाँ मौजूद भाजपा कार्यकर्ताओं ने उन्हें घेरकर जोरदार विरोध-प्रदर्शन किया, जिससे अदालत परिसर में भारी तनाव की स्थिति पैदा हो गई। इस हंगामे को शांत करने और स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए दुर्गापुर पुलिस के साथ केंद्रीय बलों की भारी तैनाती करनी पड़ी।


इस मामले में दर्ज शिकायत के अनुसार, शनिवार को बुदबुद इलाके की रहने वाली सिमरन तमांग नाम की एक युवती आठवीं कक्षा की छात्रा को उसके घर से बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गई थी। आरोप है कि इसके बाद आरोपी युवती ने छात्रा को जबरन शराब पिलाई और उसमें कोई नशीली दवा मिला दी ताकि वह पूरी तरह बेहोश हो जाए। छात्रा के बेसुध होने के बाद, सिमरन उसे तीन युवकों के साथ दुर्गापुर के कविगुरु इलाके के एक होटल में ले गई, जहाँ आरोपियों ने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। इस घिनौनी वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी पीड़िता को बुदबुद बाईपास के पास सुनसान सड़क पर अकेला छोड़कर फरार हो गए।


बाईपास पर असहाय स्थिति में पड़ी छात्रा को एक टोटो चालक ने देखा और उसे सुरक्षित उसके घर पहुँचाया। घर पहुँचकर जब पीड़िता ने परिजनों को आपबीती बताई, तो परिवार वालों ने तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई की और चारों आरोपियों को धर दबोचा। इस बीच, कोर्ट परिसर में पहुँचे दुर्गापुर पूर्व के भाजपा विधायक चंद्रशेखर बंद्योपाध्याय ने घटना की कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने आक्रोश जताते हुए कहा कि इस तरह की शर्मनाक और जघन्य वारदात को अंजाम देने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए और उन्हें कड़ी सजा मिलनी चाहिए क्योंकि ऐसी घटनाओं को समाज में कतई बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। इसके साथ ही उन्होंने आरोपियों को इतनी जल्दी गिरफ्तार करने के लिए पुलिस के काम की सराहना भी की।

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