आखिरकार ED के समक्ष पेश हुए पुलिस अधिकारी मनोरंजन मंडल, कोयला तस्करी मामले में पूछताछ

कोलकाता :- कोयला और बालू तस्करी मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा बार-बार तलब किए जाने के बाद भी फरार चल रहे चर्चित पुलिस अधिकारी मनोरंजन मंडल आखिरकार गुरुवार को जांच एजेंसी के समक्ष पेश हुए। ईडी द्वारा लगातार कई नोटिस भेजे जाने के बाद, वे कोलकाता के साल्टलेक स्थित सीजीओ कॉम्प्लेक्स में केंद्रीय जांच एजेंसी के दफ्तर पहुंचे, जहां अधिकारियों ने मामले से जुड़े विभिन्न संवेदनशील विषयों पर उनसे लंबी पूछताछ की। इससे पहले मनोरंजन मंडल शारीरिक अस्वस्थता का हवाला देकर लगातार ईडी की हाजिरी से बच रहे थे।

दरअसल, कोयला तस्करी मामले की जांच के दौरान ईडी की टीम ने गत 3 फरवरी को आसनसोल के रानीगंज, जामुड़िया और बुदबुद समेत राज्य के कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की थी। इस छापेमारी के दौरान जामुड़िया के एक व्यवसायी के गोदाम से करीब डेढ़ करोड़ रुपये की नकदी बरामद हुई थी। उसी दिन केंद्रीय एजेंसी ने बुदबुद थाने के तत्कालीन ओसी मनोरंजन मंडल के आवास पर भी तलाशी ली थी। इसके बाद गत 11 मार्च को दोबारा उनके घर पर छापा मारा गया। जांचकर्ताओं के हाथ लगे मुख्य सबूतों में गिरफ्तार अवैध कोयला कारोबारी चिन्मय मंडल और पुलिस अधिकारी मनोरंजन मंडल के बीच हुई व्हाट्सएप चैट शामिल है, जिसके बाद से ही वे ईडी के रडार पर आ गए। बाद में मनोरंजन मंडल को बुदबुद थाने से हटाकर आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस के स्पेशल ब्रांच (एसबी) में स्थानांतरित कर दिया गया था।

जांच एजेंसी का दावा है कि अवैध कोयला और बालू माफियाओं के सिंडिकेट के बीच मध्यस्थता करने और उन्हें प्रशासनिक संरक्षण देने के बदले 'प्रोटेक्शन मनी' के रूप में मोटी रकम का लेन-देन हुआ था। जांचकर्ताओं को संदेह है कि कोयला तस्करी की काली कमाई का एक बड़ा हिस्सा इस पुलिस अधिकारी तक भी पहुंचा था। इसी वित्तीय लेन-देन की कड़ियों को जोड़ने और विस्तृत जानकारी जुटाने के लिए ईडी उनसे पूछताछ कर रही है। इसी सिलसिले में बुधवार को ईडी ने सिटी सेंटर के सेपको इलाके में एक और बालू कारोबारी प्रबीर दत्त के आवास पर भी दोबारा अभियान चलाया था। इस मामले में पुलिस अधिकारी की पेशी के बाद अब कोयला और बालू तस्करी कांड की जांच में और तेजी आने की उम्मीद है।

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