Jamuria में निजी फैक्ट्री बंद करने की नोटिस देखकर भड़के श्रमिकों का प्रदर्शन

जामुड़िया :- जामुड़िया औद्योगिक क्षेत्र में स्थित रामजी इस्पात प्राइवेट लिमिटेड नामक एक निजी फैक्टरी के गेट पर अचानक बंदी का नोटिस लगाए जाने से हड़कंप मच गया। शुक्रवार को जब हमेशा की तरह श्रमिक काम पर पहुंचे, तो मुख्य गेट पर लटके ताले और बंदी के नोटिस को देखकर उनका गुस्सा फूट पड़ा। घटना को लेकर फैक्टरी परिसर में भारी तनाव फैल गया। आक्रोशित श्रमिकों ने प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और फैक्टरी को तुरंत दोबारा खोलने की मांग को लेकर गेट के सामने ही अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया।


नोटिस में प्रबंधन की ओर से वित्तीय घाटे और बाजार की मंदी का हवाला देते हुए कहा गया है कि 18 जून से फैक्टरी को बंद रखा जाएगा और इस बंदी की अवधि के दौरान कर्मचारियों को कोई वेतन नहीं दिया जाएगा। अचानक आई इस खबर से फैक्टरी में हड़कंप मच गया और सभी श्रमिक मुख्य द्वार को घेरकर विरोध-प्रदर्शन पर बैठ गए। आंदोलनकारी श्रमिकों का कहना है कि वे वर्षों से यहां पूरी ईमानदारी के साथ काम कर रहे हैं। गुरुवार तक सब कुछ सामान्य था और उन्होंने रोज की तरह अपनी ड्यूटी की थी, लेकिन रात के अंधेरे में बिना किसी पूर्व सूचना के अचानक यह फैसला ले लिया गया, जिससे लगभग ४५ से ५० परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।


श्रमिकों के इस आंदोलन को स्थानीय नेतृत्व का भी समर्थन मिला है। प्रदर्शन में शामिल हुए जामुड़िया मंडल 3 के अध्यक्ष दीप बनर्जी ने प्रबंधन के इस कदम की तीखी आलोचना करते हुए कहा कि कानूनी प्रक्रियाओं को ताक पर रखकर इस तरह रात के अंधेरे में फैक्टरी बंद नहीं की जा सकती। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि फैक्टरी घाटे में है और प्रबंधन इसे किसी और को बेचना चाहता है, तो यहां कार्यरत श्रमिकों के भरण-पोषण की जिम्मेदारी कौन लेगा। वर्तमान में फैक्टरी परिसर में केवल दो सुरक्षाकर्मियों के अलावा प्रबंधन का कोई भी अधिकारी मौजूद नहीं है, जिससे उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जामुड़िया थाने की पुलिस मौके पर पहुंच चुकी है, जबकि खबर लिखे जाने तक श्रमिक अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं और उनका धरना जारी है।

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