TMC नेताओं के निशाने पर पूर्व MLA नरेंद्रनाथ चक्रवर्ती, पंचायत सदस्य ने दर्ज कराई शिकायत

पांडवेश्वर :- पांडवेश्वर विधानसभा क्षेत्र के बंकोला इलाके में पूर्व तृणमूल कांग्रेस विधायक नरेंद्र नाथ चक्रवर्ती के कार्यालय के निकट स्थित एक गोदाम से भारी मात्रा में सरकारी राहत सामग्री मिलने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। शुक्रवार को हुई इस बरामदगी के बाद जहां एक ओर भाजपा और स्थानीय लोगों ने पूर्व विधायक पर जोरदार हमला बोला था, वहीं अब इस घटना को लेकर खुद टीएमसी के भीतर से भी नरेंद्र नाथ चक्रवर्ती के खिलाफ बगावती सुर तेज हो गए हैं। पार्टी के अपने ही नेता अब उनके खिलाफ सड़कों पर उतर आए हैं और उनके राजनीतिक चरित्र पर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं।

शनिवार को टीएमसी के पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष तथा वर्तमान कर्माध्यक्ष सुजीत मुखर्जी ने इस पूरे प्रकरण पर एक बेहद तीखा और विस्फोटक बयान जारी किया। सुजीत मुखर्जी ने साफ तौर पर कहा कि वह आज से पहले तक सिर्फ इतना जानते थे कि नरेंद्र नाथ चक्रवर्ती भ्रष्टाचारी हैं और जनता के हक की सरकारी परियोजनाओं को जरूरतमंदों तक पहुंचने नहीं देते हैं। लेकिन कल उनके आवास से सटे गोदाम से सरकारी राहत सामग्रियों के साथ-साथ कुछ कंडोम भी बरामद हुए हैं, जो यह साफ दर्शाता है कि नरेंद्र नाथ चक्रवर्ती ना सिर्फ आर्थिक रूप से भ्रष्टाचारी हैं बल्कि नैतिक रूप से चरित्रहीन भी हैं। उन्होंने अपनी ही पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से पुरजोर अनुरोध किया है कि ऐसे भ्रष्टाचारी और चरित्रहीन व्यक्ति को बिना किसी देरी के तुरंत तृणमूल कांग्रेस से निष्कासित किया जाए।


दूसरी ओर, इस भ्रष्टाचार की परतें खोलते हुए छोरा ग्राम पंचायत के टीएमसी सदस्य शेख जुम्मन ने भी पूर्व विधायक के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। शेख जुम्मन ने खुलासा किया कि इसी साल फरवरी महीने में छोरा ग्राम पंचायत कार्यालय से सरकारी राहत सामग्री की बड़ी चोरी हुई थी। उस समय विधानसभा चुनाव नजदीक होने के कारण इस मामले की शिकायत प्रशासन से केवल मौखिक रूप से की गई थी, जिस पर प्रशासन ने जल्द से जल्द सामग्री खोज निकालने का आश्वासन दिया था। लेकिन कल जब पूर्व विधायक के कार्यालय के पास बने गोदाम से वही राहत सामग्री बरामद हुई, तब जाकर यह स्पष्ट हुआ कि छोरा ग्राम पंचायत के प्रधान के साथ साठगांठ करके पूर्व विधायक ने ही इस सरकारी माल की चोरी करवाई थी और उसे अपने ठिकाने पर छिपाकर रखा था।

पंचायत सदस्य शेख जुम्मन ने अपनी ही पंचायत के कामकाज पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि भले ही वह टीएमसी के टिकट पर चुनकर आए हैं, लेकिन छोरा ग्राम पंचायत के प्रधान रामचरित पासवान पंचायत में पूरी तरह अपनी मनमानी चलाते हैं। वे न तो किसी सदस्य को बैठक में बुलाते हैं और न ही किसी की बात सुनते हैं। इस बड़ी बरामदगी के बाद शेख जुम्मन ने कानून का दरवाजा खटखटाते हुए अंडाल थाने में एक नामजद एफआईआर (FIR) दर्ज करा दी है। उन्होंने अपनी लिखित शिकायत में सीधे तौर पर आरोप लगाया है कि सरकारी राहत सामग्री की इस चोरी में पूर्व विधायक नरेंद्र नाथ चक्रवर्ती, ग्राम पंचायत प्रधान रामचरित पासवान, नरोत्तम मंडल और निताई मुख्य रूप से शामिल हैं। उन्होंने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि इस बेहद संवेदनशील मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी नामजद दोषियों को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे भेजा जाए।

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