आसनसोल :- भारतीय जनसंघ के संस्थापक और महान शिक्षाविद डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती के अवसर पर सोमवार को पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से रवींद्र भवन में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस गरिमामयी समारोह में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को श्रद्धा सुमन अर्पित करने के लिए आसनसोल के जिलाधिकारी (डीएम) एस. पोन्नबलम, आसनसोल उत्तर के विधायक कृष्णेंदु मुखर्जी, पांडवेश्वर के विधायक जितेंद्र तिवारी, और रानीगंज के विधायक पार्थ घोष सहित क्षेत्र के तमाम विशिष्ट लोग उपस्थित रहे। सभी गणमान्य अतिथियों ने डॉ. मुखर्जी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर देश और समाज के प्रति उनके अतुलनीय योगदान को याद किया।
इस मौके पर जिलाधिकारी एस. पोन्नबलम ने बताया कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर जिला, महकमा और ब्लॉक स्तर पर विभिन्न सरकारी कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है और इस ऐतिहासिक दिन के महत्व को देखते हुए राज्य सरकार की तरफ से सरकारी छुट्टी भी घोषित की गई है।
समारोह को संबोधित करते हुए पांडवेश्वर विधानसभा क्षेत्र के विधायक जितेंद्र तिवारी ने इतिहास लेखन पर तीखा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि एक सोची-समझी साजिश के तहत डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का नाम इतिहास के पन्नों से गायब करने का प्रयास किया गया था, ताकि आने वाली पीढ़ियां उनके महान व्यक्तित्व के बारे में जान न सकें और उनकी रहस्यमयी मृत्यु को लेकर कभी कोई सवाल न पूछ सकें। विधायक ने आगे कहा कि सबसे ज्यादा दुख इस बात का होता है कि भले ही डॉ. मुखर्जी के जीवन आदर्शों, दर्शन और विचारधारा से किसी की वैचारिक भिन्नता हो सकती है, लेकिन एक प्रखर शिक्षाविद और शिक्षा के क्षेत्र में उनके अभूतपूर्व योगदान को कोई भी नजरअंदाज नहीं कर सकता है। इस दौरान अन्य विधायकों और अतिथियों ने भी डॉ. मुखर्जी को आधुनिक भारत का निर्माता बताते हुए उनके दिखाए राष्ट्रवाद के पथ पर चलने का संकल्प लिया।





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