आसनसोल :- पश्चिम बंगाल-झारखंड की सीमा पर स्थित रामपुर चेकपोस्ट पर तैनात दो मोटर वाहन इंस्पेक्टर (एमवीआई) को एक ट्रक चालक से रिश्वत मांगने और उसे प्रताड़ित करने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। राज्य सरकार ने दोनों अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण शाखा (एसीबी) को जांच के आदेश दिए हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, रामपुर चेकपोस्ट पर तैनात आरोपी एमवीआई नाजिमुल हक और अनुपम बनर्जी ने सभी वैध कागजात होने के बावजूद एक मालवाहक ट्रक के चालक दीपक सिंह से 22,000 रुपये की रिश्वत की मांग की थी। रिश्वत देने में असमर्थता जताने पर अधिकारियों ने ट्रक को अवैध रूप से जब्त कर चालक को मानसिक और प्रशासनिक रूप से प्रताड़ित किया। इस घटना की शिकायत मिलते ही राज्य सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। 'पश्चिम बंगाल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण और अपील) नियम, 1971' के नियम 7(1)(ए) के तहत दोनों एमवीआई अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इसके अलावा, पूरे मामले की आपराधिक जांच और सख्त कानूनी कार्रवाई के लिए फाइल एसीबी को सौंप दी गई है।
इस कार्रवाई पर राज्य के मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार को लेकर 'जीरो टॉलरेंस' की नीति पर काम कर रही है। प्रशासन में अवैध वसूली और भ्रष्टाचार के तत्वों को जड़ से समाप्त करने के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। कोई भी व्यक्ति कानून से ऊपर नहीं है और अवैध रूप से रोके गए वाहनों को तुरंत छुड़ाने तथा ट्रांसपोर्टरों को उत्पीड़न से बचाने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं।


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