आसनसोल :- राज्य सरकार के वादे के मुताबिक 1 जुलाई से 'अन्नपूर्णा योजना' के दूसरे चरण की राशि ट्रांसफर करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस चरण में पहली बार 1.30 करोड़ महिलाओं को हर महीने 3,000 रुपये की वित्तीय सहायता मिली है। लेकिन जुलाई का पहला हफ्ता बीतने से पहले ही राज्य के अलग-अलग हिस्सों से महिलाओं के गुस्से और आक्रोश की तस्वीरें सामने आने लगी हैं। पूर्ववर्ती 'लक्ष्मी भंडार' योजना के बंद होने के बाद भी अभी तक कई महिलाओं के बैंक खातों में अन्नपूर्णा योजना का पैसा नहीं पहुंचा है, जिसके कारण हर तरफ हाहाकार मचा हुआ है।
इसी सिलसिले में सालानपुर बीडीओ कार्यालय में भारी तनाव का माहौल देखने को मिला। सैकड़ों की संख्या में वंचित महिलाएं कार्यालय के बाहर इकट्ठा हो गईं और जमकर विरोध-प्रदर्शन करने लगीं। प्रदर्शनकारी महिलाओं का आरोप है कि सरकारी दिशानिर्देशों का पालन करते हुए उन्होंने ऑफलाइन फॉर्म भरकर जमा किया था, जबकि कई महिलाओं ने ऑनलाइन माध्यम से भी अपनी आवेदन प्रक्रिया पूरी की थी। उन्हें पूरी उम्मीद थी कि 1 जुलाई तक उनके खातों में पैसे आ जाएंगे। ऐसा न होने पर उनका गुस्सा फूट पड़ा। अब महिलाएं पैसे की मांग को लेकर पंचायत से लेकर बीडीओ कार्यालय के चक्कर काट रही हैं, लेकिन प्रशासन के एक वर्ग की ओर से कोई संतोषजनक जवाब न मिलने के कारण उनका आक्रोश और बढ़ गया।
हालात बिगड़ते देख सालानपुर के बीडीओ देबांजन विश्वास खुद मैदान में उतरे। उन्होंने प्रदर्शन कर रही महिलाओं से सीधे बातचीत की और पूरी प्रक्रिया समझाकर उन्हें शांत करने का प्रयास किया। जानकारी के मुताबिक, सालानपुर ब्लॉक में अब तक 12,000 से अधिक महिलाओं को इस योजना का लाभ मिल चुका है। हालांकि, इसी ब्लॉक में पहले लगभग 30,000 महिलाएं 'लक्ष्मी भंडार' योजना का लाभ उठा रही थीं। जानकारों का मानना है कि अन्नपूर्णा योजना के लिए ब्लॉक से करीब 20,000 आवेदन जमा हुए हैं। इस बीच ब्लॉक की पंचायतों में एक सूची जारी कर दी गई है, जिससे यह साफ हो सके कि अब तक किन-किन महिलाओं को इस योजना में शामिल किया गया है।

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