रानीगंज से 'गायब' हुई राहुल सांस्कृत्यायन की मूर्ति को पुनः स्थापना करेगा कल्चरल एंड लिटरेरी फोरम ऑफ बंगाल

रानीगंज :- रानीगंज शहर के पंजाबी मोड़ स्थित 19 नंबर राष्ट्रीय राजमार्ग के पास से महान विद्वान, पद्मभूषण से सम्मानित लेखक और इतिहासकार महापंडित राहुल सांस्कृत्यायन की 9 फीट ऊंची प्रतिमा रहस्यमय तरीके से गायब हो गई थी। गत 13 जुलाई की रात अज्ञात उपद्रवियों ने इलाके की स्ट्रीट लाइटें बंद कर और सीसीटीवी बंद करके 20 फीट ऊंचे मंच को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया और प्रतिमा को वहां से गायब कर दिया गया था। इस घटना के बाद से साहित्यिक और बुद्धिजीवी वर्ग में आक्रोश व्याप्त है तथा विभिन्न साहित्यिक और सामाजिक संगठनों ने इसके खिलाफ आवाज बुलंद की। राहुल सांस्कृत्यायन की मूर्ति गायब किए जाने के विरोध में 14 जुलाई को गणतांत्रिक लेखक शिल्पी संघ ने पंजाबी मोड़ के पास सभा की थी। 



इस बीच, रानीगंज के भाजपा विधायक पार्थ घोष ने महान भारतीय लेखक और निबंधकार महापंडित राहुल सांस्कृत्यायन की प्रतिमा रानीगंज क्षेत्र में स्थापित करने के लिए पहल की है। ​इस सिलसिले में विधायक पार्थ घोष ने 24 जुलाई को 'कल्चरल एंड लिटरेरी फोरम ऑफ बंगाल'के अध्यक्ष जितेंद्र तिवारी को पत्र लिखा है। ​पत्र में विधायक पार्थ घोष ने फोरम से सहयोग की अपील करते हुए लिखा कि वह संगठन के साथ मिलकर रानीगंज इलाके में राहुल सांस्कृत्यायन की प्रतिमा स्थापित करना चाहते हैं। उन्होंने फोरम से इस दिशा में आवश्यक और उचित कदम उठाने का अनुरोध किया है।

इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना पर 'कल्चरल लिटरेरी फोरम ऑफ बंगाल' के अध्यक्ष एवं पांडवेश्वर विधानसभा क्षेत्र के भाजपा विधायक जितेंद्र तिवारी ने बयान जारी किया है। विधायक जितेंद्र तिवारी ने कहा कि रातों-रात कोई प्रतिमा भले ही गायब हो सकती है, लेकिन भारत के सबसे महान विद्वानों में से एक महापंडित राहुल सांस्कृत्यायन का योगदान और स्मृतियां कभी समाप्त नहीं की जा सकतीं।


विधायक जितेंद्र तिवारी ने स्पष्ट किया कि रानीगंज के विधायक पार्थ घोष की पहल और उनके विशेष अनुरोध पर 'कल्चरल लिटरेरी फोरम ऑफ बंगाल' ने रानीगंज में महापंडित राहुल सांस्कृत्यायन की प्रतिमा को फिर से स्थापित करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि महापंडित की महान स्मृति और ऐतिहासिक योगदान को उचित सम्मान के साथ पुनर्स्थापित करना हम सभी का दायित्व है।

गौरतलब है कि 9 अप्रैल वर्ष 1993 में राहुल सांस्कृत्यायन की जन्मशताब्दी के अवसर पर रानीगंज में यह आदमकद प्रतिमा स्थापित की गई थी। वाममोर्चा सरकार के तत्कालीन मंत्री विनय कृष्ण चौधरी ने प्रतिमा का अनावरण किया था। अब इसे पुनः स्थापित करने के निर्णय का साहित्यिक जगत ने स्वागत किया है। वहीं पुलिस-प्रशासन से दोषियों की अविलंब गिरफ्तारी की मांग की जा रही है।

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