चीनी की बेतहाशा बढ़ती कीमतों और जमाखोरी पर नकेल कसने के लिए गोदाम में छापेमारी

कोलकाता :- चीनी की अप्रत्याशित मूल्य वृद्धि और कालाबाजारी पर अंकुश लगाने के लिए प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। मंगलवार को बशीरहाट 2 नंबर ब्लॉक के कछुआ ग्राम पंचायत अंतर्गत स्वरूपनगर बाजार में माटिया पुलिस और कृषि विभाग के अधिकारियों ने संयुक्त रूप से औचक छापेमारी की। यह अभियान माटिया थाने के आईसी दिनेश चंद्र पाल के नेतृत्व में चलाया गया। कार्रवाई के तहत प्रशासनिक टीम ने सबसे पहले स्वरूपनगर बाजार के एक चीनी गोदाम पर छापा मारा। अधिकारियों ने वहां चीनी के मौजूदा स्टॉक, उसके खरीद-बिक्री के दस्तावेजों और व्यापार लाइसेंस की बारीकी से जांच की। इसके बाद टीम ने एक निजी ऑयल मिल के गोदाम का भी रुख किया, जहां स्टॉक रजिस्टर और वैध कागजातों का मिलान किया गया तथा प्रबंधन से विस्तृत जानकारी हासिल की गई। 


गौरतलब है कि बाजार में चीनी के दाम तेजी से बढ़े हैं, जहां खुदरा मूल्य 68 से 70 रुपये प्रति किलो और थोक भाव 65 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है। पश्चिम बंगाल में चीनी का स्थानीय उत्पादन बेहद सीमित होने के कारण राज्य अपनी खपत के लिए उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र से आने वाली सप्लाई पर निर्भर रहता है। रिपोर्ट के अनुसार, घरेलू बाजार में चीनी की कीमतें कम उत्पादन, आगामी त्योहारी सीजन की मांग, वैश्विक बाजार में उछाल और स्थानीय स्तर पर हो रही जमाखोरी के कारण बढ़ रही हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में चीनी की घरेलू किल्लत को दूर करने और कीमतों पर काबू पाने के लिए सरकार ने चीनी के ड्यूटी फ्री (टैक्स फ्री) आयात को मंजूरी देने के साथ-साथ व्यापारियों पर सख्त स्टॉक लिमिट लागू कर दी है। साथ ही, घरेलू आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए चीनी के निर्यात पर 30 सितंबर तक पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। प्रशासन का स्पष्ट संदेश है कि जमाखोरी कर अनुचित लाभ उठाने की कोशिश करने वाले व्यापारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे।

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