आसनसोल में 'कल्चरल एंड लिटरेरी फोरम ऑफ बंगाल' द्वारा उर्दू अदब व तालीम पर संगोष्ठी, शिक्षाविद और रचनाकार सम्मानित

आसनसोल (राम बाबू यादव) :- उर्दू साहित्य, जुबान और तहज़ीब की समृद्ध परंपरा को बढ़ावा देने और उसे सहेजने के मकसद से रविवार को आसनसोल के रेलपार स्थित सफीना पैलेस में 'कल्चरल एंड लिटरेरी फोरम ऑफ बंगाल' की ओर से एक विशेष शैक्षिक एवं साहित्यिक संगोष्ठी (एजुकेशनल डिस्कशन) का आयोजन किया गया।

पांडेश्वर के विधायक और कल्चरल एंड लिटरेरी फोरम ऑफ बंगाल के अध्यक्ष जितेंद्र तिवारी की अगुवाई में आयोजित इस गरिमामय कार्यक्रम में बड़ी तादाद में नामचीन शिक्षाविद, शायर और उर्दू अदब के कलमकार शामिल हुए। समारोह में उर्दू साहित्य और शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाली शख्सियतों को संस्था की ओर से एहतराम के साथ सम्मानित भी किया गया।


कार्यक्रम के दौरान तालीम, तहज़ीब और उर्दू अदब की मौजूदा स्थिति तथा उसके फरोग (विकास) से जुड़े विविध पहलुओं पर विस्तार से सिरजोड़ चर्चा हुई। उपस्थित विद्वानों और शायरों ने साहित्यिक भाईचारे को मजबूत करने और नई पीढ़ी को अपनी जड़ों व तालीम से जोड़ने की इस अनूठी पहल की दिल खोलकर सराहना की।


इस मौके पर अपने विचार व्यक्त करते हुए विधायक जितेंद्र तिवारी ने कहा कि उर्दू सिर्फ एक जुबान नहीं, बल्कि हमारी साझी तहज़ीब और अदब का नायाब हिस्सा है। तालीम और अदब के चिराग को रोशन रखकर ही हम समाज में भाईचारे और मोहब्बत की रिवायत को कायम रख सकते हैं। हमारी कोशिश होगी कि अदबी खिदमत करने वाली इन शख़्सियतों का सम्मान और संवाद का यह सिलसिला मुसलसल (निरंतर) आगे बढ़ता रहे।


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