Annapurna Yojana या विधवा भत्ता ? लाभार्थियों को चुनना होगा एक विकल्प, सरकार ने जारी किया आधिकारिक आदेश

कोलकाता :- पश्चिम बंगाल सरकार ने सामाजिक कल्याण योजनाओं के दोहराव को रोकने के लिए एक बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। राज्य सरकार द्वारा जारी नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, अब कोई भी लाभार्थी 'अन्नपूर्णा योजना' और 'विधवा भत्ता' दोनों की वित्तीय सहायता एक साथ प्राप्त नहीं कर सकेगा। लाभार्थियों को इन दोनों योजनाओं में से किसी एक को ही चुनने का विकल्प दिया गया है। राज्य के महिला, बाल एवं समाज कल्याण विभाग की सचिव द्वारा इस संबंध में विस्तृत निर्देशिका जारी की गई है, जिसे कोलकाता नगर निगम (KMC) के आयुक्त और राज्य के सभी जिलाधिकारियों (DM) को भेज दिया गया है। वर्तमान में राज्य सरकार अन्नपूर्णा योजना के तहत प्रतिमाह 3,000 रुपये और विधवा भत्ता योजना के तहत प्रतिमाह 1,500 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान करती है। 

नई गाइडलाइन के मुताबिक, जो विधवाएं दोनों योजनाओं का लाभ ले रही थीं, उन्हें अब एक निर्धारित फॉर्म भरकर लिखित रूप में यह स्पष्ट करना होगा कि वे कौन सी योजना जारी रखना चाहती हैं और किसे छोड़ना चाहती हैं। प्रशासन के पास ऐसे लाभार्थियों की पूरी सूची 'समर्थ पोर्टल' (Samarth Portal) पर उपलब्ध है। सभी जिलाधिकारियों और नगर निगम आयुक्त को निर्देश दिए गए हैं कि वे लाभार्थियों से उनका लिखित विकल्प प्राप्त कर 29 सितंबर तक पोर्टल पर अपलोड करना सुनिश्चित करें। उल्लेखनीय है कि इस संदर्भ में पहले ही स्पष्ट किया जा चुका था कि दोहरे भत्ते का लाभ नहीं दिया जाएगा। हालांकि, सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि 'दिव्यांग भत्ता' और 'कृषक बंधु भत्ता' पाने वाले लाभार्थी अन्नपूर्णा योजना का लाभ साथ में जारी रख सकते हैं।

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