नंदीग्राम के कांग्रेस प्रत्याशी मिलन प्रधान जमानत पर जेल से हुए रिहा, पुलिस पर लगाया गंभीर आरोप


नंदीग्राम :- कलकत्ता उच्च न्यायालय से अंतरिम जमानत मिलने के बाद जेल से बाहर आए नंदीग्राम के कांग्रेस प्रत्याशी मिलन प्रधान ने पुलिस और प्रशासनिक तंत्र पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मिलन प्रधान का दावा है कि उन्हें उम्मीदवारी वापस लेने के लिए भारी दबाव बनाया गया और लुभावने ऑफर दिए गए। गौरतलब है कि नंदीग्राम विधानसभा सीट पर आगामी 6 अक्टूबर को मतदान होगा और 9 अक्टूबर को चुनाव के नतीजे घोषित किए जाएंगे। जेल से रिहा होने के बाद मीडिया से बातचीत में मिलन प्रधान ने आरोप लगाया कि 18 सितंबर को चंडीपुर से सादे लिबास में आई पुलिस ने उन्हें जबरन उठा लिया था। उन्होंने कहा, गाड़ी में मेरी आंखों पर पट्टी बांधकर मुझे मंदारमणि के एक होटल में ले जाया गया। वहां पुलिस अधिकारियों ने मुझसे उम्मीदवारी वापस लेने के बदले मनचाही चीज देने की बात कही। जब मैंने अपने सिद्धांतों का हवाला देकर मना कर दिया, तो मुझे वापस छोड़कर 2007 के एक पुराने हत्या के मामले में गिरफ्तार कर लिया गया। गौरतलब है कि नंदीग्राम में तृणमूल उम्मीदवार द्वारा नामांकन वापस लेने के बाद कांग्रेस उम्मीदवार को समर्थन देने का ऐलान किया गया था, जिसके तुरंत बाद ही मिलन की गिरफ्तारी हुई थी। उच्च न्यायालय ने मिलन प्रधान को चुनाव प्रक्रिया खत्म होने तक तीन सप्ताह की अंतरिम जमानत दी है, जिसके तहत उन्हें रोज सुबह और शाम संबंधित थाने के जांच अधिकारी से फोन पर संपर्क करना होगा। मामले की अगली सुनवाई 21 अक्टूबर को होगी।

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