रंगदारी-धमकी मामले में TMC सांसद कीर्ति आजाद CID मुख्यालय में हुए पेश, CID ने की पूछताछ

कोलकाता :- रंगदारी (extortion) और धमकी देने से जुड़े एक मामले में बर्दवान-दुर्गापुर लोकसभा सीट से तृणमूल कांग्रेस के सांसद कीर्ति आजाद मंगलवार को कोलकाता स्थित सीआईडी मुख्यालय 'भवानी भवन' पहुंचे और जांच अधिकारियों के सवालों का सामना किया। कलकत्ता उच्च न्यायालय ने कीर्ति आजाद को इस मामले में अंतरिम राहत (कवच) देते हुए जांच में पूरा सहयोग करने का निर्देश दिया था, जिसके तहत वे तय समय पर पूछताछ के लिए उपस्थित हुए। सीआईडी मुख्यालय पहुंचने पर सांसद ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उन्हें राजनीतिक दुर्भावना के तहत झूठे मामले में फंसाया जा रहा है।

यह मामला पिछले साल का है, जब रानीगंज के निवासी राहुल घोष ने आरोप लगाया था कि उसे दुर्गापुर स्थित बंगले पर बुलाया गया था और कीर्ति आजाद के एक सहयोगी ने उससे 15 लाख रुपये की रंगदारी मांगी थी। आरोप है कि पैसे न देने पर व्यवसाय बंद करवाने की धमकी भी दी गई थी। राहुल घोष ने सांसद कीर्ति आजाद सहित अन्य लोगों के खिलाफ रानीगंज थाना में प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज कराई। बाद में इस मामले की जांच सीआईडी को सौंप दी गई थी।

संभावित गिरफ्तारी से बचने के लिए कीर्ति आजाद ने कलकत्ता उच्च न्यायालय का रुख किया था। अदालत में सुनवाई के दौरान उनके वकील ने दलील दी कि घटना के 15 महीने बाद एफआईआर दर्ज की गई है और लेनदेन का कोई ठोस सबूत नहीं है। अदालत ने परिस्थितियों को देखते हुए सांसद के खिलाफ किसी भी कठोर कार्रवाई पर रोक लगा दी, लेकिन उन्हें जांच में सहयोग करने का स्पष्ट निर्देश दिया। पूछताछ से पहले सांसद कीर्ति आजाद ने संवाददाताओं से कहा कि जिस दिन की यह घटना बताई जा रही है, उस दिन वे दुर्गापुर में मौजूद ही नहीं थे। उन्होंने दावा किया कि उनके पास अपनी बेगुनाही के सभी आवश्यक दस्तावेज और प्रमाण मौजूद हैं, जिन्हें वे जांच एजेंसियों को सौंप रहे हैं।

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