रानीगंज :- पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बीच रानीगंज में एक बड़े राजनीतिक घटनाक्रम ने हलचल मचा दी है। मंगलवार को भाजपा प्रत्याशी पार्थ घोष की पूर्व तलाकशुदा पत्नी पिंकी सिन्हा ने तृणमूल कांग्रेस का दामन थाम लिया। रानीगंज के अमृत कुंज आश्रम के पास आयोजित चुनावी सभा में तृणमूल प्रत्याशी कालो बरन मंडल ने उन्हें पार्टी का झंडा थमाकर विधिवत स्वागत किया। इस अवसर पर तृणमूल युवा कांग्रेस के जिला अध्यक्ष पार्थ देवासी, जिला महासचिव रूपेश यादव और टाउन कमेटी के अध्यक्ष ज्योति सिंह सहित भारी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद थे।
खांदरा की निवासी पिंकी सिन्हा ने मंच से अपनी व्यथा साझा करते हुए कहा कि वह नहीं चाहतीं कि जो दुख उन्होंने सहा, वह किसी और महिला को झेलना पड़े। उन्होंने जोर देकर कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व में ही राज्य की महिलाएं सुरक्षित हैं। इस दौरान वे थोड़ी भावुक नजर आईं। बताया जाता है कि पिंकी की शादी वर्ष 2004 में पार्थ घोष से हुई थी और 2007 में दोनों अलग हो गए थे।
इस मौके पर तृणमूल प्रत्याशी कालो बरन मंडल ने भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा महिला सुरक्षा की बड़ी-बड़ी बातें तो करती है, लेकिन उनके अपने प्रत्याशी का इतिहास कुछ और ही बयां करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिंकी के साथ हुए व्यवहार ने भाजपा का असली चेहरा उजागर कर दिया है। इससे एक बात साबित होती है कि महिला सुरक्षा अगर कहीं है तो वह पश्चिम बंगाल में है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिंकी को मारने की भी कोशिश हुई थी। बाद में उनका तलाक हुआ और उन्होंने अपनी योग्यता से नौकरी हासिल की और दूसरी शादी की थी।
सभा को बर्दवान-दुर्गापुर के सांसद कीर्ति आजाद ने भी संबोधित किया और भाजपा की नीतियों पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि भाजपा सिर्फ झूठ और खोखले वादे करती है। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा की हार निश्चित है पश्चिम बंगाल की जनता मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ है।

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