कोलकाता :- निर्वाचन आयोग ने पहले चरण के चुनाव के लिए वोटर इंफॉर्मेशन स्लिप वितरण की समय सीमा निर्धारित कर दी है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि अब राजनीतिक दल नहीं, बल्कि बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) ही मतदाताओं के घरों तक यह पर्ची पहुँचाएंगे। ताजा निर्देशों के अनुसार, आगामी शनिवार तक पहले चरण के मतदान वाले क्षेत्रों में वितरण प्रक्रिया पूरी करनी होगी। चुनाव आयोग का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि मतदान की तारीख से कम से कम पांच दिन पहले हर मतदाता के हाथ में उसकी सूचना पर्ची हो। पश्चिम बंगाल में पहले चरण का मतदान 23 अप्रैल को 152 केंद्रों पर होना है, जिसके मद्देनजर बीएलओ को 18 अप्रैल तक अपना काम हर हाल में समाप्त करने का आदेश दिया गया है।
इस बार की वोटर स्लिप की सबसे बड़ी विशेषता इसमें शामिल विशेष क्यूआर कोड है, जिसके माध्यम से मतदाताओं की जानकारी का सत्यापन आसानी से किया जा सकेगा। स्थानीय भाषा में तैयार इन पर्चियों में मतदाता का नाम, केंद्र का पता, मतदान की तिथि, समय और बूथ का नक्शा शामिल होगा। इसके साथ ही पर्ची पर मतदान के दौरान क्या करें और क्या न करें से संबंधित दिशा-निर्देश भी स्पष्ट रूप से अंकित होंगे। पूर्व में अक्सर राजनीतिक दल ही ये पर्चियां बांटते थे, जिससे मतदाताओं को प्रभावित करने की शिकायतें मिलती थीं। इसी को रोकने के लिए आयोग ने अब बीएलओ के लिए इसे अनिवार्य बना दिया है। यदि बीएलओ के अलावा कोई अन्य व्यक्ति अवैध रूप से ये पर्चियां रखता पाया गया, तो जन प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, पारदर्शिता बनाए रखने के लिए आयोग ने अनुमति दी है कि पर्ची वितरण के दौरान उम्मीदवार या उनके प्रतिनिधि बीएलओ के साथ रहकर पूरी प्रक्रिया की निगरानी कर सकते हैं।



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