कोलकाता :- कोलकाता में मंगलवार को ट्रांसजेंडर और हिजड़ा समुदाय ने केंद्र सरकार के नए 'ट्रांसजेंडर व्यक्ति (अधिकारों का संरक्षण) संशोधन अधिनियम 2026' के खिलाफ प्रदर्शन किया। पार्क स्ट्रीट से प्रेस क्लब तक निकाले गए इस जुलूस में प्रदर्शनकारियों ने इसे "काला कानून" करार देते हुए तुरंत रद्द करने की मांग की। आंदोलनकारियों का मुख्य विरोध 'स्व-पहचान' के अधिकार को खत्म करने पर है। नए प्रावधानों के तहत अब ट्रांसजेंडर पहचान के लिए मेडिकल बोर्ड या स्क्रीनिंग कमेटी की मंजूरी अनिवार्य कर दी गई है, जिसे समुदाय ने अपनी निजता और गरिमा का हनन बताया है।
प्रदर्शनकारियों के अनुसार, यह कानून सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक 'नालसा' फैसले का उल्लंघन करता है और उन पर बायोमेडिकल निगरानी थोपता है। प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान प्रतिनिधियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार इस "प्रतिगामी" कानून को वापस नहीं लेती, तो आंदोलन को देशव्यापी स्तर पर तेज किया जाएगा। सुरक्षा के मद्देनजर मार्च के दौरान पुलिस की भारी तैनाती रही।



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