आसनसोल: मस्जिद से तेज ध्वनि की बात को सामने रखकर शुक्रवार को आसनसोल के रेलपार जहांगीरी मोहल्ला में जमकर तांडव हुआ। जहांगीरी मोहल्ला पुलिस आउट पोस्ट पर जमकर तोड़फोड़ की गयी। सरकारी सम्पति का भारी नुकसान पहुंचाया गया। पुलिस इस मामले में अब तक 21 लोगो को गिरफ्तार भी कर चुकी है। इस समुचे घटना से शिक्षा लेते हुए रविवार को आसनसोल दक्षिण थाना के तत्वावधान में एक समन्वय बैठक बुलायी गयी। इस बैठक आसनसोल नगर निगम के सभाकक्ष में आयोजित की गयी। जहां पर हिन्दु, मुस्लिम, सिख, ईसाई सभी धर्मो के धर्मगुरु उपस्थित थे। मस्जिद के ईमाम, मंदिर के पुरोहित, चर्च के फदर एवं गुरुद्वारा के ज्ञानी जी अलावा मस्जिद, मंदिर, चर्च और गुरुद्वारा कमेटी के पदाधिकारी उपस्थित थे। सभी को साथ लेकर चलने के उद्देश्य से यह समन्वय बैठक बुलायी गयी है। पुलिस प्रशासन की ओर से इस बैठक में यह बात स्पष्ठ की गयी कि साउंड पोलूशन को लेकर किसी विशेष धर्म पर दबाव नहीं दिया जा रहा है बल्कि साउंड पोलूशन अर्थात शब्द दूषण को लेकर जो नियम-कानून बनाए गए है, वे सभी के लिए है और सभी को इस नियम के तहत ही अपने धार्मिक आयोजनों को करना होगा।
आसनसोल दक्षिण थाने के इंस्पेक्ट इंचार्ज विश्वजीत मुखर्जी ने कहा कि वर्ष 2000 में ध्वनि प्रदुषण को लेकर एक विशेष कानून बनायी गयी है, जिसके तहत साउंड की तीब्रता, साउंड की समयसीमा निर्धारित की गयी थी। सुबह 6 बजे से लेकर रात के 10 बजे तक आप निर्धारित साउंड की तीब्रता के साथ माइक बजा सकते है। इसके पश्चात सुबह 6 बजे तक साउंड पर प्रतिबंध रहता है। यह नियम किसी एक धर्म के लिए नहीं है, इसी बात को स्पष्ठ करने के लिए बैठक की गयी है। हम सब एक साथ है, एक साथ रहेंगे और एक साथ चलेंगे। गलतफहमी न पालिएं और न ही फैलाएं। सोशल मीडिया में भी भ्रम मत फैलाएं। ऐसे करते पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्यवायी की जाएगी।
राज्य सरकार ने साउंड विधि को मानने के लिए सख्त निर्देश जारी किए है। जिसके बाद ही प्रशासन हरकत में आयी। इधर, आसनसोल रेलपार के जहांगीरी मोहल्ला की घटना के बाद माहौल पूरी तरह से नियंत्रित है। सभी को शांति बनाए रखने एवं अफवाहों में कान न देने का अनुरोध किया गया है।
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