आसनसोल :- भवानीपुर और नंदीग्राम से नवनिर्वाचित भाजपा विधायक शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक (PA) चंद्रनाथ रथ की हत्या के मामले में पुलिस जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आ रहे हैं। बुधवार रात मध्यमग्राम के दोहाड़िया में हुई इस सनसनीखेज वारदात में इस्तेमाल की गई एक कार को पुलिस पहले ही जब्त कर चुकी थी, और अब पुलिस ने एक मोटरसाइकिल भी बरामद की है। शुभेंदु अधिकारी के अनुसार, यह बाइक घटनास्थल से लगभग चार किलोमीटर दूर एक स्थान से मिली है। हालांकि, इस बाइक के मालिक की तलाश में जब पुलिस आसनसोल के बर्नपुर स्थित पते पर पहुँची, तो वहां की स्थिति देख अधिकारी भी दंग रह गए।
पुलिस जांच में पता चला है कि बरामद बाइक (WB44D1990) का रजिस्ट्रेशन 4 मई 2012 को आसनसोल आरटीओ में विभाष कुमार भट्टाचार्य नामक व्यक्ति के नाम पर हुआ था। दस्तावेजों में दर्ज पता बर्नपुर के गुरुद्वारा रोड स्थित 'एबी 7/12' क्वार्टर का है। लेकिन जब पुलिस और स्थानीय सूत्रों ने उस पते पर पड़ताल की, तो वहां विभाष भट्टाचार्य का कोई नामोनिशान नहीं मिला। वर्तमान में उस सरकारी क्वार्टर में इस्को (IISCO) कारखाने के कर्मचारी धरमवीर कुमार अपने परिवार के साथ पिछले 10 वर्षों से रह रहे हैं। धरमवीर का कहना है कि वे साल 2014 से इस घर में हैं और उन्होंने कभी विभाष नाम के किसी व्यक्ति के बारे में नहीं सुना। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके पास मौजूद अपनी बाइक का नंबर भी अलग है और वे इस पूरे मामले से पूरी तरह अनजान हैं।
इस खुलासे के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है और यह आशंका गहरा गई है कि हत्यारों ने पुलिस को गुमराह करने के लिए फर्जी दस्तावेजों या पुराने रजिस्ट्रेशन का सहारा लिया है। पुलिस के हाथ विभाष भट्टाचार्य की एक पुरानी तस्वीर लगी है, जिसे दिखाकर स्थानीय लोगों से पूछताछ की जा रही है, लेकिन अब तक कोई भी उसे पहचान नहीं पाया है। गौरतलब है कि बुधवार रात हमलावरों ने पहले कार से चंद्रनाथ की गाड़ी का रास्ता रोका और फिर उन पर हमला कर बाइक से फरार हो गए थे। फिलहाल पुलिस इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और दूसरी बाइक की तलाश जारी है, ताकि इस सोची-समझी साजिश की परतों को खोला जा सके।





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