रानीगंज :- केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने रानीगंज शहर के अस्तित्व पर मंडरा रहे खतरे को लेकर चल रही तमाम आशंकाओं और चिंताओं पर विराम लगा दिया है। रविवार को रानीगंज पहुंचे केंद्रीय कोयला व खान मंत्री जी किशन रेड्डी ने स्पष्ट रूप से घोषणा की कि केंद्र सरकार और कोयला मंत्रालय की ओर से रानीगंज शहर को कोई समस्या नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने रानीगंज विधानसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी पार्थ घोष के समर्थन में आयोजित बैठक में यह बात कही। स्पोर्ट्स असेंबली में आयोजित इस बैठक में रानीगंज चैंबर ऑफ कॉमर्स, रानीगंज बचाओ मंच और सिटीजंस फोरम सहित विभिन्न संस्थाओं के पदाधिकारी शामिल हुए।
बैठक के दौरान रानीगंज बचाओ मंच और चैंबर ऑफ कॉमर्स ने शहर के आसपास ओपन कास्ट प्रोजेक्ट (ओसीपी) निर्माण की योजना और उससे शहर के अस्तित्व पर मंडरा रहे खतरे का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। रानीगंज चेम्बर ऑफ कॉमर्स और रानीगंज बचाओ मंच की ओर से मंत्री जी किशन रेड्डी को एक लिखित मांग पत्र भी सौंपा गया, जिसमें रानीगंज शहर के आसपास ओसीपी निर्माण की योजना और शहर के अस्तित्व पर मंडरा रहे खतरे को लेकर अपनी चिंता जताई गई है।
उनकी चिंताओं को गंभीरता से सुनते हुए जी. किशन रेड्डी ने आश्वस्त किया कि रानीगंज के खिलाफ कोयला मंत्रालय कोई भी फैसला नहीं लेगा। उन्होंने शहरवासियों को विश्वास दिलाते हुए कहा कि मैं केंद्र सरकार और कोयला मंत्रालय की ओर से यह स्पष्ट करना चाहता हूँ कि रानीगंज शहर को कोई भी समस्या नहीं होने दी जाएगी। मंत्री के नाते उन्होंने वादा किया कि रानीगंज को बचाने, यहाँ के विकास और युवाओं के रोजगार के लिए कोयला मंत्रालय पूरी शक्ति से प्रयास करेगा। केंद्रीय मंत्री जी किशन रेड्डी ने रानीगंज चैंबर ऑफ कॉमर्स व रानीगंज बचाओ मंच के प्रतिनिधियों को भरोसा दिलाया कि किसी भी समस्या की स्थिति में वे सीधे उनसे संपर्क कर सकते हैं और जनता के हितों के खिलाफ कोई कदम नहीं उठाया जाएगा।
वहीं दूसरी तरफ केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी को 'रानीगंज बचाओ मंच' ने उन्हें एक औपचारिक ज्ञापन सौंपकर शहर के ऐतिहासिक और विरासत स्वरूप को बचाने की भावुक अपील की। रानीगंज बचाओ मंच के संयुक्त संयोजक गौतम घटक द्वारा सौंपे गए इस मांग पत्र में रानीगंज शहर के चारों ओर ओपन कास्ट प्रोजेक्ट (ओसीपी) जरिए कोयला निकालने की योजना का कड़ा विरोध किया गया है। रानीगंज बचाओ मंच ने केंद्रीय कोयला व खान मंत्री जी किशन रेड्डी के समक्ष अपनी मांगों को रखते हुए कहा कि वे कोयला निष्कर्षण के विरोधी नहीं हैं, लेकिन इसे आधुनिक और मशीनीकृत भूमिगत खनन के जरिए किया जाना चाहिए ताकि शहर की सतह और वहां की आबादी को नुकसान न पहुंचे।



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