जामुड़िया के चुरुलिया में ग्रामीणों ने कोयला खदान का किया उत्पादन और परिवहन ठप

जामुड़िया :- जामुड़िया विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले चुरुलिया के लोदा गांव सहित आसपास के स्थानीय निवासियों ने विभिन्न मांगों के समर्थन में चुरुलिया पीडीसीएल (PDCL) कोयला खदान का घेराव कर उसे पूरी तरह बंद कर दिया। इस विरोध प्रदर्शन के कारण खदान में कोयला उत्पादन और परिवहन का काम पूरी तरह से ठप हो गया है।

स्थानीय निवासियों का आरोप है कि खदान प्रबंधन द्वारा बेतरतीब ढंग से मिट्टी और पत्थर फेंकने के कारण लोदा, तालडांगा और चिचुड़बिल गांव के लोगों का रास्ता पूरी तरह बंद हो गया है, जिससे ग्रामीणों को आवाजाही करने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसी के विरोध में आज पुरुषों के साथ बड़ी संख्या में महिलाओं और स्थानीय लोगों ने एकजुट होकर खदान के मुख्य द्वारों को अवरुद्ध कर दिया।


घटना की सूचना मिलते ही चुरुलिया पुलिस चौकी की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने के प्रयास में जुट गई। प्रदर्शनकारी ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि ओपन कास्ट (खुली खदान) प्रबंधन जिस तरह से हर तरफ मिट्टी फेंककर पहाड़ों जैसा ऊंचा ढेर बना रहा है, उसकी वजह से इलाके में लकड़बग्घों (हायना) का आतंक काफी बढ़ गया है। इससे क्षेत्र के लोगों की सुरक्षा खतरे में पड़ गई है और शाम ढलते ही रास्ते से गुजरना दूभर हो जाता है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी समस्याओं का स्थाई समाधान नहीं होता, तब तक वे अपना आंदोलन वापस नहीं लेंगे।

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