कोलकाता :- पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के 'जनता दरबार' के दूसरे दिन सोमवार को साल्टलेक स्थित उनके कार्यालय के बाहर आम लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचे इन लोगों में पाश्र्व शिक्षक (पैरा-टीचर्स), नर्स और ग्रुप-डी कर्मचारी शामिल थे। इनके अलावा, चुनाव के दौरान हुई हिंसा से पीड़ित परिवारों के सदस्य भी न्याय की उम्मीद में मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचे थे, जिनका दर्द था कि इससे पहले वे पुलिस के पास अपनी शिकायत तक दर्ज कराने में असमर्थ थे। अब असहाय परिवारों को मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से न्याय की पूरी उम्मीद है।
जनता दरबार में पहुंचने से पहले सोमवार सुबह मुख्यमंत्री लेकटाउन के शिव मंदिर गए, जहां उन्होंने पूजा-अर्चना की और मंदिर में मौजूद आम लोगों से बातचीत की। इसके बाद सुबह करीब 11 बजे वे लॉकेट चटर्जी के साथ साल्टलेक स्थित पार्टी कार्यालय पहुंचे। इस दौरान अपनी नौकरी गंवा चुके सुमन विश्वास भी मुख्यमंत्री से मिलने आए थे। उन्होंने पूर्व सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी नौकरी गंवाने वाले युवाओं की समस्याओं और शिकायतों को नहीं सुनती थीं और उनसे मिलना भी संभव नहीं था। उन्होंने आगे कहा कि शुभेंदु अधिकारी हमेशा से नौकरी गंवाने वाले युवाओं के साथ खड़े रहे हैं। सुमन ने आज मुख्यमंत्री को अपना शिकायत पत्र सौंपा, जिसे उन्होंने सहर्ष स्वीकार कर लिया। सुमन ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इससे यह साबित होता है कि कोई भी चाहे तो मुख्यमंत्री से मिल सकता है। उन्होंने राज्य में एक बार फिर पारदर्शिता के साथ नई नियुक्तियां शुरू करने की मांग की।
गौरतलब है कि इससे पहले पिछले सोमवार को भी मुख्यमंत्री ने 'जनता दरबार' में लोगों की समस्याएं सुनी थीं। जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी हर सप्ताह सोमवार को सीधे आम जनता की शिकायतें सुनेंगे, जिसके लिए पीड़ितों को पहले से पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा।



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