DSP में BJP का नाम भुनाकर 'सिंडिकेट राज' की साजिश, बैठक छोड़कर भागना पड़ा

दुर्गापुर (राम बाबू यादव) :- दुर्गापुर इस्पात संयंत्र (डीएसपी) में अस्थायी श्रमिकों की भर्ती को लेकर जबरन वसूली और सिंडिकेट चलाने के आरोपों के बीच शनिवार को दुर्गापुर के बनग्राम इलाके में भारी राजनीतिक तनाव फैल गया। आरोप है कि तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के श्रमिक संगठन के कुछ नेताओं द्वारा बीजेपी का नाम भुनाकर नया सिंडिकेट शुरू करने की योजना बनाई जा रही थी। शनिवार सुबह गोपाल मठ के पास बनग्राम में इसी सिलसिले में एक गुप्त बैठक होने की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में बीजेपी कार्यकर्ता वहां पहुंच गए, जिसके बाद दोनों पक्षों में झड़प और अफरा-तफरी का माहौल बन गया।


सूत्रों के अनुसार, दुर्गापुर इस्पात संयंत्र में अस्थायी कर्मियों की नियुक्ति में लंबे समय से तृणमूल श्रमिक संगठन के एक धड़े का दबदबा रहा है और नौकरी देने के नाम पर मोटी रकम की उगाही के आरोप लगते रहे हैं। इस विवाद के केंद्र में तृणमूल श्रमिक संगठन की कोर कमेटी के सदस्य शेख मनी, संगठन के नेता अकबर अली और रसुल मियां समेत कुछ अन्य लोगों के नाम सामने आए हैं। बीजेपी का दावा है कि राज्य में राजनीतिक समीकरण बदलने के बाद भी पुराना सिंडिकेट चक्र अभी भी सक्रिय है। विपक्ष का आरोप है कि इस बार ये लोग सत्तारूढ़ दल बीजेपी के नाम का दुरुपयोग कर अवैध वसूली का नया जाल बुनने के लिए गुप्त बैठक कर रहे थे। वैसे भी तृणमूल कांग्रेस के श्रमिक संगठन INTTUC की कोर कमेटी के सदस्यों पर दुर्गापुर स्टील प्लांट के ठेकेदारों से मोटी रकम वसूलने अर्थात कटमनी लेने के आरोप लगाते रहे हैं। INTTUC के कोर कमेटी के सदस्य मोटी रकम लेकर दुर्गापुर स्टील प्लांट में ठेका श्रमिकों की नियुक्ति करते रहे हैं। इसे लेकर कई बार कोर कमेटी के सदस्यों के खिलाफ पोस्टर भी लगे हैं। विशेष तौर पर गोपालमाठ का एक प्रभावशाली तृणमूल कांग्रेस नेता और उसके एक शागिर्द पर दुर्गापुर स्टील प्लांट में कटमनी सिंडिकेट चलाने के आरोप लगते रहे हैं। हालांकि गंभीर आरोप सामने आने के बाद तृणमूल कांग्रेस नेतृत्व ने ही दुर्गापुर स्टील प्लांट में उसे नेता की एंट्री पर रोक लगा दी थी। 


बीजेपी कार्यकर्ताओं को देखते ही आरोपी नेता और उनके समर्थक मौके से भाग निकले। बीजेपी का दावा है कि मुख्य आरोपी शेख मनी, अकबर अली और रसुल मियां घटनास्थल से भागने में सफल रहे। हंगामे की सूचना मिलते ही दुर्गापुर थाने की भारी पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने कई संदिग्धों को हिरासत में लिया है और उनसे पूछताछ शुरू कर दी है, जबकि फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है।

Post a Comment

0 Comments