TMC के पार्टी आफिसों में क्यो मिल रहे है भारी मात्रा में आधार और वोटर कार्ड ?

कोलकाता:  34 वर्षो के वामफ्रंट सत्ता को हटाकर 2011 में पश्चिम बंगाल की सत्ता में आयी तृणमूल कांग्रेस लगातार 15 सालों तक सरकार में बनी रही। 2026 के विधानसभा निर्वाचन में तृणमूल कांग्रेस पराजित हुयी और सत्ता से सीधे विपक्ष की भूमिका में आ गयी। किन्तु निर्वाचन के बाद क्यों तृणमूल कांग्रेस के पार्टी आफिसों में आधार कार्ड, वोटर कार्ड, जाॅब कार्ड मिल रहे है। केवल एक या दो पार्टी आफिसों में नहीं बल्कि राज्य के विभिन्न हिस्सों के पार्टी आफिसों में पुलिसिया छापेमारी के दौरान आधार कार्ड, वोटर कार्ड और जाॅब कार्ड मिल रहे है। पुलिस ने साल्टलेक, विधाननगर, पूर्व मेदिनीपुर, बीरभूम के पार्टी आफिसों में आधार कार्ड और वोटर कार्ड पाए गए। पुलिस ने कोलकाता महानगर के साल्टलेक और विधाननगर के बसंती स्थित पार्टी आफिस से आधार कार्ड बरामद किया। पूर्व मेदिनीपुर के गढ़वेता के एक पार्टी आफिस से भी आधार कार्ड बरामद किए गए है। बीरभूम जिले के कीर्णहार से काफी संख्या में वोटर कार्ड कार्ड पाए गए। बताया जाता है कि पार्टी आफिस से एक बैग उठाकर कुत्ता मैदान में लेकर चला आया और उस बैग के साथ चिड़फाड़ करने लगा तो भीतर से एका-एक 100 से अधिक वोटर कार्ड पाए गए। विधानसभा चुनाव के पूर्व तालाब, जंगल एवं रास्ते से वोटर कार्ड, आधार कार्ड पाने की घटना कई बार सामने आयी है परन्तु विधानसभा निर्वाचन के बाद आयी सत्ता परिवर्तन के बाद अब सीधे तौर पर तृणमूल कांग्रेस के पार्टी आफिस में ही आधार कार्ड और वोटर कार्ड पाए जा रहे है। पुलिस वोटर कार्ड और आधार कार्ड को बरामद कर ले गयी है एवं मामले की गंभीरता से छानबीन कर रही है। आखिर क्यों इतनी संख्या में वोटर और आधार कार्ड पार्टी आफिस से पाए गए। बीजेपी नेतृत्व का कहना है कि तृणमूल कांग्रेस सत्ता में बने रहने के लिए लोगों का वोटर कार्ड, आधार कार्ड रखकर डराती थी कि अगर वो वोट नहीं देंगे, सभा-समिति में नहीं जाएंगे तो उनका आधार कार्ड, वोटर कार्ड और जाॅब कार्ड उन्हें नहीं मिलेगा। 

 

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