रानीगंज: फॉरेन डेलिगेट्स के समक्ष कारखाने की कार्य पद्धति और राज्य की नवनियुक्त बीजेपी सरकार की छवि धूमिल करने के लिए सुनियोजित तरीके से कारखाने के 10-15 कर्मचारी वेतन वृद्धि समेत विभिन्न मांगों को सामने रखकर कारखाने का उत्पादन ठप कर गेट जाम कर दिया। सोमवार की सुबह से ही कारखाने के ये 10-15 कर्मचारी कारखाने का उत्पादन ठप कर अन्य कर्मचारियों कों भी कारखाने के अंदर आने और जाने में रोक लगा दी। जिस कारण सोमवार को कारखाने का उत्पादन दिन भर ठप रहा। दूसरे दिन यानी मंगलवार को कारखाने के उत्पादन संबंधी जानकारी लेने के लिए UK के दो सदस्य फाॅरेन डेलिगेट्स के आने का दिन और समय तय था। ऐसी स्थिति में कारखाने के कर्मचारी द्वारा कारखाने का उत्पादन ठप कर प्रदर्शन करना एक बड़ी समस्या के रुप में कारखाना प्रबंधन में सामने आ खड़ी हुयी। एक ओर फॉरेन डेलिगेट्स के कारखाना परिदर्शन का दिन और समय निर्धारित और दूसरी ओर कारखाने के 10-15 कर्मचारियों का सुनियोजित तरीके से अपनी मांगों को सामने रखकर प्रदर्शन करने की घटना। इन दोनों परिस्थितियों के बीच कारखाना प्रबंधन को अपनी जिम्मेदारियों को निभाते हुए फॉरेन डेलिगेट्स के समक्ष कारखाने की कार्य पद्धति को बचाए रखना और राज्य की नवनियुक्त BJP सरकार के प्रति भी फाॅरेन डेलिगेट्स की छवि धूमिल न हो, इसका भी बराबरी से ध्यान रखना। कारखाने के डायरेक्टर प्रदीप कुमार सराफ ने कहा कि इस घटना की जानकारी उच्च पदस्थ प्रशासनिक अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि को दी गयी। प्रशासन ने इस मामले को पूरी गंभीरता से लिया।
मंगलवार की सुबह पुनः ये 10-15 कर्मचारी कारखाने में प्रदर्शन का माहौल बनाने के लिए आए थे, परन्तु रानीगंज थानांतर्गत पंजाबी मोड़ पुलिस फांड़ी के प्रभारी नजमुल होदा के नेतत्व में एक दल पुलिस पहले से ही कारखाना परिसर में मौजुद रही एवं अन्य कर्मचारियों को कारखाने के अंदर प्रवेश करने में कोई दिक्कत न हो, इस बात का विशेष रुप से ध्यान रखा। फाॅरेन डेलिगेट्स आने के पूर्व ही कारखाने का उत्पादन सामान्य कर दिया गया। दरअसल, रानीगंज ब्लाॅक के मंगलपुर औद्योगिक नगरी स्थित Hark Industries Pvt.Ltd में डक्टाइल, आयरन, मेनहोल काॅवर का उत्पादन करती है। देश के अन्य राज्यों में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी इस कारखाने का उत्पादन एक्सपोर्ट किया जाता है। मंगलवार की सुबह से ही कारखाने के डायरेक्टर प्रदीप कुमार सराफ मौके पर मौजूद थे। प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन का भी पूर्ण सहयोग प्राप्त हुआ। कारखाने में अचानक इस तरह का प्रदर्शन करना और बिना किसी सठीक एवं नैतिक कारणों के बावजूद कारखाने की छवि धूमिल करने के मामले में उक्त 10-15 कर्मचारियों को कारखाना प्रबंधन ने बर्खास्त कर दिया है। Hark Industries Pvt.Ltd नामक कस्टिंग कारखाने में हुयी समस्या की जानकारी मिलते ही रानीगंज चेम्बर आफ काॅमर्स के पदाधिकारी भी मौके पर पहुंचे। रानीगंज चेम्बर आफ काॅमर्स की इस टीम में अध्यक्ष जुगल किशोर गुप्ता, पूर्व अध्यक्ष रोहित खेतान, प्रदीप बाजोरिया के साथ प्रतिष्ठित उद्योगपति राम कुमार सारदा, अरुण राजपुरिया भी पहुंचे। सभी ने अपने-अपने तरीके से कारखाने का उत्पादन सामान्य हो और फॉरेन डेलिगेट्स के परिदर्शन में कोई दिक्कत न हो, इसके लिए प्रयासरत रहे।
इस बारे में रानीगंज चेम्बर आफ काॅमर्स के अध्यक्ष जुगल किशोर गुप्ता ने कहा कि 10-12 कर्मचारी जबरन कारखाने का उत्पादन ठप कर दिया। अन्य कर्मचारी उत्पादन कार्य में शामिल होना चाह रहे थे, उन्हें भी गेट पर रोक दिया। ऐसा किसी भी मायने में उचित नहीं है। अगर आपकी कोई मांग है तो उसके लिए आप मालिक पक्ष के साथ बैठकर समस्या का हाल करे, न कि इस तरह कारखाने का माहौल खराब करे। प्रशासन को मैं विशेष रूप से धन्यवाद देता हूं कि उन्होंने उत्परता दिखाई और कारखाने का उत्पादन सामान्य किया। वहीं, चेम्बर आॅफ काॅमर्स के पूर्व अध्यक्ष एवं उद्योगपति रोहित खेतान ने कहा कि कर्मचारियों की मांग जायज नहीं थी, इसलिए पुलिस-प्रशासन भी हमारा साथ दिया। राज्य में परिवर्तन की नई सरकार आयी है। इन से हमें बहुत उम्मीदें है। अच्छे परिवेश में हर समस्या का हाल निकले। ऐसी घटना न हो, यह हम सबके लिए बेहतर होगा। प्रदीप बाजोरिया ने कहा कि फैक्ट्री का उत्पादन ठप करके समस्या का समाधान नहीं होता बल्कि बैठकर समस्या का हाल निकाला जाता। इस मसले में 3-4 दिन के अंदर रानीगंज चेम्बर आॅफ काॅमर्स, कारखाना प्रबंधन, प्रशासन, लेबर पक्ष को साथ लेकर बैठेंगे। जो भी जायज होगा वहीं फैसला लिया जाएगा। वहीं घटना की जानकारी मिलते ही Hark Industries Pvt.Ltd में पहुंचे राज्य के जाने माने उद्योगपति राम कुमार सारदा ने कहा कि किसी भी दिन किसी भी वक्त कारखाने में दूसरी अवस्था में आकर गेट जाम कर देना, अत्याचार करना, ऐसी घटनाओं से कारखाना प्रबंधन या मालिकों का मनोबल गिरता है। ऐसी घटना नहीं होनी चाहिए। राज्य में नई सरकार आने से हमारी बहुत सारी उम्मीदे है। कुछ एक समस्याएं हो रही है, वो भी कुछ समय के लिए है। बीजेपी सरकार कहती है कि हमारी कोई ट्रेड यूनियन नहीं है और न ही कारखाने में कोई समस्या खड़ा करते है। परन्तु ऐसा हो रहा है। खैर नई नई सरकार के मंत्रिमंडल के विस्तार के बाद दायित्व मिल जाएगा तो यह समस्याएं भी हाल होगी। हम लोग भी चाहते है कि इंडस्ट्री भी बेहतर रुप से चले और कर्मचारी भी बेहतर रुप से रहे। बीजेपी सरकार से हमारी बहुत प्रत्याशा और आशा है। Hark Industries Pvt.Ltd के डायरेक्टर प्रदीप कुमार सराफ ने कहा कि कारखाने में पहली बार ऐसा हुआ है। वो भी 10-15 कर्मचारियों के कारण। उन्हें पता था कि फाॅरेन डेलिगेट्स आने वाले है और कारखाना प्रबंधन को समस्या में डालने का वह अच्छा मौका है। अगर ऐसा करने में कारखाने के 10-15 कर्मचारी सफल हो जाते तो फाॅरेन डेलिगेट्स कारखाने का परिदर्शन नहीं कर पाते और आॅर्डर कैंसल हो जाता। मजबुरन हमे कारखाने को बंद कर देना पड़ता। किन्तु मैं धन्यवाद देना चाहूंगा पुलिस-प्रशासन को, रानीगंज चेम्बर आॅफ काॅमर्स को, उनके सहयोग से और समर्थन से फाॅरेन डेलिगेट्स आने के पूर्व ही कारखाने का उत्पादन और माहौल सामान्य हुआ। अगर कर्मचारियों की कोई समस्या है तो उसके लिए बातचीत का भी तरीका है। टेबल में बैठकर अपनी समस्या रखे, जो जायज होगा, वैसा किया जाएगा। परन्तु यह क्या तरीका हुआ कि खुद भी काम पर नहीं गए और जो जाना चाहते है उसे भी कारखाने के अंदर नहीं प्रवेश करने दिया गया। आने वाले दिनों में मंगलपुर औद्योगिक नगरी में किसी कारखाने में इस तरह की समस्या न हो इसके लिए मंगलपुर इंडस्ट्रीज एसोसिएशन को सक्रिय होना पड़ेगा।





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