सुखेंदु शेखर राय के बाद TMC सांसद सुस्मिता देव का इस्तीफा, असम के CM से मुलाकात के बाद BJP में जाने की अटकलें तेज

कोलकाता :- तृणमूल कांग्रेस (TMC) को एक और बड़ा झटका लगा है, जहां सुखेंदु शेखर राय के बाद अब पार्टी की राज्यसभा सांसद सुस्मिता देव ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। सुस्मिता देव ने न केवल सांसद पद छोड़ा है, बल्कि तृणमूल कांग्रेस के सभी पदों से भी दूरी बना ली है। उनके इस फैसले के बाद से राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। दरअसल, सुस्मिता देव ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा से मुलाकात की है, जिसके बाद उनके भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होने की अटकलों को काफी बल मिल रहा है। सुस्मिता के इस इस्तीफे के बाद राज्यसभा में तृणमूल कांग्रेस की ताकत कम हो गई है; पहले सदन में टीएमसी के कुल 13 सांसद थे, जो अब सुखेंदु और सुस्मिता के इस्तीफे के बाद घटकर 11 रह गए हैं। 

मूल रूप से असम की राजनीति का बड़ा चेहरा और राज्य के दिग्गज नेता व पूर्व केंद्रीय मंत्री संतोष मोहन देव की बेटी सुस्मिता देव इससे पहले असम की सिलचर सीट से कांग्रेस की लोकसभा सांसद रह चुकी हैं। साल 2019 के लोकसभा चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था, जिसके बाद अगस्त 2021 में उन्होंने तृणमूल कांग्रेस का दामन थाम लिया था। टीएमसी ने उन्हें असम सहित पूरे पूर्वोत्तर भारत में पार्टी के संगठन विस्तार की एक बेहद महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी थी। साल 2021 में मानस भुइयां के राज्य सरकार में मंत्री बनने के बाद खाली हुई राज्यसभा सीट पर तृणमूल कांग्रेस ने सुस्मिता देव को संसद भेजा था, जिसका कार्यकाल अगस्त 2023 में समाप्त हो गया था। सुस्मिता का कार्यकाल पूरा होने के बाद पार्टी ने उस सीट पर सामिरुल इस्लाम को राज्यसभा भेजा। इसके बाद, शांतनु सेन का कार्यकाल समाप्त होने पर तृणमूल कांग्रेस ने अप्रैल 2024 में सुस्मिता देव को दूसरे कार्यकाल के लिए फिर से राज्यसभा भेजा था और इस बार बतौर सांसद उनका कार्यकाल साल 2030 तक सुरक्षित था, जिससे पहले ही उन्होंने पार्टी और पद दोनों को अलविदा कह दिया है।

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