कोलकाता :- 'तृणमूल कांग्रेस' नाम और उसके चुनाव चिह्न 'जोड़ाफूल' के वास्तविक हकदार को लेकर जारी विवाद का निपटारा अब अगले चार महीनों के भीतर हो जाएगा। सोमवार को सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने निर्वाचन आयोग को निर्देश दिया कि चार सप्ताह में दोनों पक्षों की दलीलें और दस्तावेज सुनने की प्रक्रिया पूरी की जाए और इसके बाद अगले तीन महीनों के भीतर अंतिम फैसला सुनाया जाए। सुप्रीम कोर्ट के इस निर्देश के अनुसार जनवरी तक मामले का पूर्ण समाधान हो जाएगा। तब तक आगामी नगर निगम चुनावों और अन्य उपचुनावों में ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट और ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले 'लोकतांत्रिक तृणमूल' गुट को आवंटित किए गए अस्थायी नाम और प्रतीक चिन्ह के साथ ही मैदान में उतरना होगा। सुनवाई के दौरान 'ममता तृणमूल' के वकीलों कपिल सिब्बल और कल्याण बनर्जी ने जल्द फैसले का अनुरोध किया, जबकि ऋतब्रत गुट के वकील मुकुल रोहतगी ने छह सप्ताह का समय मांगा, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया। ज्ञात हो कि 17 सितंबर को चुनाव आयोग ने 'जोड़ाफूल' प्रतीक और मूल नाम को फ्रीज कर दिया था, जिसके खिलाफ ममता बनर्जी ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था।
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