कोलकाता :- पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण के लिए गुरुवार, 23 अप्रैल को होने वाले मतदान को लेकर निर्वाचन आयोग ने सुरक्षा के कड़े और ऐतिहासिक प्रबंध किए हैं। राज्य की 152 सीटों पर शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए आयोग ने केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की लगभग 2400 कंपनियां तैनात करने का निर्णय लिया है। आयोग के सुरक्षा ब्लूप्रिंट के अनुसार, संवेदनशील क्षेत्रों और हाई-प्रोफाइल सीटों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है ताकि मतदाता बिना किसी डर के अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें।
सुरक्षा बलों की तैनाती के मामले में पूर्व मेदिनीपुर जिला शीर्ष पर है, जहां सबसे अधिक 273 कंपनियां तैनात की गई हैं। दूसरे स्थान पर पश्चिम मेदिनीपुर है, जहां सुरक्षा की कमान 271 कंपनियों के हाथों में होगी। मुर्शिदाबाद जिला भी आयोग की प्राथमिकता सूची में है, जहां कुल 240 कंपनियों को तैनात किया गया है। इसके अलावा, अन्य प्रमुख जिलों में बांकुड़ा में 193, बीरभूम में 176, मालदा में 172, पुरुलिया में 151 और कूचबिहार में 146 कंपनियां तैनात की गई हैं। आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट क्षेत्र की सुरक्षा के लिए 125 कंपनियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
उत्तर बंगाल और अन्य पुलिस जिलों में भी सुरक्षा का घेरा काफी मजबूत रखा गया है। आयोग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, जलपाईगुड़ी में 92, दक्षिण दिनाजपुर में 83, अलीपुरद्वार में 77, जंगीपुर पुलिस जिले में 76 और झाड़ग्राम में 74 कंपनियां तैनात रहेंगी। वहीं रायगंज और इस्लामपुर पुलिस जिलों में क्रमशः 71 और 61 कंपनियां मोर्चा संभालेंगी। दार्जिलिंग में 61, सिलीगुड़ी पुलिस कमिश्नरेट में 44 और कलिम्पोंग में 21 कंपनियों की तैनाती की गई है। निर्वाचन आयोग का लक्ष्य इस भारी बल तैनाती के जरिए चुनावी हिंसा को शून्य पर लाना और स्वतंत्र व निष्पक्ष मतदान की प्रक्रिया को सफलतापूर्वक संपन्न करना है।



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