Asansol Engineering College बना 6 विधानसभाओं का 'स्ट्रांग रूम', सुरक्षा सख्त

आसनसोल :- पश्चिम बर्दवान जिले की छह महत्वपूर्ण विधानसभा सीटों—आसनसोल उत्तर, आसनसोल दक्षिण, कुल्टी, बाराबनी, जमुड़िया और रानीगंज—में मतदान संपन्न होने के बाद अब सबकी नजरें आसनसोल इंजीनियरिंग कॉलेज पर टिकी हैं, जिसे प्रशासन ने 'स्ट्रांग रूम' बनाया है। शुक्रवार को जिला शासक एस. पोन्नबलम ने स्वयं कॉलेज परिसर का दौरा कर सुरक्षा व्यवस्थाओं और ईवीएम (EVM) के रख-रखाव का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि सभी मशीनों को प्रशासनिक अधिकारियों, मतदान कर्मियों और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में पूरी पारदर्शिता के साथ सील कर सुरक्षित रख दिया गया है। सुरक्षा के लिए केंद्रीय बलों की एक पूरी प्लाटून तैनात कर दी गई है और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी प्रतिदिन यहां की निगरानी करेंगे। जिला शासक ने यह भी स्पष्ट किया कि मतगणना के दिन भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रहेंगे और किसी भी स्तर पर लापरवाही बरतने वाले मतदान कर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।


दूसरी ओर, स्ट्रांग रूम की सुरक्षा और ईवीएम की सुरक्षा को लेकर जिले में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी तेज हो गया है। आसनसोल दक्षिण से भाजपा प्रत्याशी अग्निमित्रा पाल ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर निशाना साधते हुए कहा कि टीएमसी ने पिछले 15 सालों से भ्रष्टाचार और चोरी के दम पर राज किया है, इसलिए उन्हें हर जगह गड़बड़ी नजर आती है। उन्होंने चुनाव आयोग और केंद्रीय बलों की सराहना करते हुए कहा कि इस बार जनता ने निडर होकर वोट दिया है और भाजपा को पूर्ण विश्वास है कि जनता के समर्थन से उनकी सरकार बनेगी। टीएमसी द्वारा स्ट्रांग रूम के बाहर पहरेदारी करने की बात पर पलटवार करते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा के कार्यकर्ता भी मुस्तैद रहेंगे क्योंकि उन्हें तृणमूल कांग्रेस के पुराने चुनावी हथकंडों का पता है।

वहीं, इस खींचतान के बीच कांग्रेस प्रत्याशी प्रसनजीत पुईतुंडी ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि टीएमसी और भाजपा यह दिखाने की कोशिश कर रही हैं कि राज्य में केवल इन्हीं दो दलों का अस्तित्व है, जो सत्य नहीं है। ईवीएम बदले जाने की आशंकाओं को 'कड़वी सच्चाई' बताते हुए उन्होंने कहा कि विभिन्न राज्यों में इस तरह की खबरें आती रही हैं, इसलिए स्ट्रांग रूम के बाहर पहरेदारी करने में कोई बुराई नहीं है। उन्होंने प्रशासन से सुरक्षा को और अधिक मजबूत करने की मांग की ताकि चुनाव की इस लंबी प्रक्रिया में कोई गड़बड़ी न हो सके। फिलहाल, भारी सुरक्षा के बीच सभी ईवीएम को कैद कर दिया गया है और अब उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला 4 मई को मतगणना के साथ होगा।

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