रोलर फ्लोर मिलर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया ने नीतिगत स्थिरता और बेहतर समन्वय की मांग की, गेहूं सर्वेक्षण रिपोर्ट जारी

नई दिल्ली :- रोलर फ्लोर मिलर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (RFMFI) द्वारा नई दिल्ली के होटल ले मेरिडियन में आयोजित भव्य कार्यक्रम के दौरान भारत सरकार के खाद्य सचिव संजीव चोपड़ा (IAS) ने रबी 2025-26 की वार्षिक गेहूं सर्वेक्षण रिपोर्ट जारी की। एग्रीवॉच द्वारा तैयार की गई इस रिपोर्ट के अनुसार, इस वर्ष देश में गेहूं का उत्पादन 1,106.5 लाख मीट्रिक टन (LMT) होने का अनुमान है, जो पिछले वर्ष के 1,096.3 LMT से अधिक है। रिपोर्ट में बताया गया है कि उत्तर प्रदेश, पंजाब और पश्चिम बंगाल में उत्पादन में गिरावट के बावजूद मध्य प्रदेश, राजस्थान और हरियाणा में हुई वृद्धि ने इसकी भरपाई की है।

इस अवसर पर रोलर फ्लोर मिलर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष नवनीत चितलांगिया ने उद्योग और सरकार के बीच बेहतर समन्वय और नीतिगत स्थिरता की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने गेहूं स्टॉक पोर्टल से राष्ट्रीय डेटा जारी करने और ओपन मार्केट सेल स्कीम (OMSS) के लिए एक पूर्व-निर्धारित नीति बनाने की मांग की ताकि बाजार में अनिश्चितता कम हो सके। उन्होंने चोकर सहित सभी गेहूं उत्पादों के निर्यात में लचीलापन लाने का भी आग्रह किया।


वहीं रोलर फ्लोर मिलर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (RFMFI) के उपाध्यक्ष रोहित खेतान ने भी उद्योग की चुनौतियों पर अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि गेहूं उत्पादन में मामूली बढ़ोत्तरी स्वागत योग्य है, लेकिन मिलिंग उद्योग के सुचारू संचालन के लिए कच्चे माल की निरंतर उपलब्धता और पारदर्शी स्टॉक डेटा अनिवार्य है। रोहित खेतान ने जोर देकर कहा कि सरकार को निर्यात नीतियों और बाजार हस्तक्षेपों को लेकर अधिक स्पष्टता रखनी चाहिए ताकि देश की खाद्य सुरक्षा के साथ-साथ उद्योगों का आर्थिक स्वास्थ्य भी बेहतर बना रहे। उन्होंने आधुनिक मिलिंग तकनीक और गुणवत्तापूर्ण उत्पादन के प्रति रोलर फ्लोर मिलर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया की प्रतिबद्धता को भी दोहराया।

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