इस अवसर पर नंदलाल जालान फाउंडेशन के अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद खेतान ने अपने संबोधन में कहा कि फाउंडेशन का मुख्य उद्देश्य समाज की बेटियों को हुनरमंद बनाकर उन्हें अपने पैरों पर खड़ा करना है, ताकि वे आर्थिक रूप से स्वतंत्र हो सकें। उन्होंने भविष्य में भी ऐसे कौशल विकास कार्यक्रम जारी रखने की प्रतिबद्धता दोहराई। वहीं, अखिल भारतीय मारवाड़ी महिला सम्मेलन की प्रांतीय अध्यक्ष रश्मि सतनालीका ने कहा कि महिलाओं का आत्मनिर्भर होना आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है और इस तरह के प्रशिक्षण शिविर उनके आत्मविश्वास को नई ऊँचाई प्रदान करते हैं। प्रांतीय सचिव रीना खेतान ने भी अपने विचार साझा करते हुए कहा कि सिलाई, ब्यूटीशियन के साथ-साथ अब कराटे जैसे प्रशिक्षण से लड़कियां न केवल आर्थिक रूप से सशक्त होंगी बल्कि अपनी सुरक्षा करने में भी सक्षम बनेंगी।
कार्यक्रम में रानीगंज टीडीबी कॉलेज की प्रोफेसर डॉ. सबरा खातून, डॉ. निरापद मंडल, अजीत क्याल, राजीव बाजोरिया और श्रवण तोदी सहित मारवाड़ी महिला सम्मेलन की संगीता सुरेखा, वनिता केजरीवाल, बिना खेड़िया और अन्य गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे। अतिथियों ने संस्था के इस मानवीय प्रयास की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायी बताया।



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