दुर्गापुर :- पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए मतदान में अब महज पांच दिन शेष रह गए हैं, लेकिन इससे ठीक पहले दुर्गापुर शिल्पांचल की राजनीति में एक ऐसा बड़ा उलटफेर होने जा रहा है जिसने सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस के खेमे में खलबली मचा दी है। दुर्गापुर शिल्पांचल के कद्दावर तृणमूल कांग्रेस नेता और पूर्व विधायक विश्वनाथ पाड़ियाल ने तृणमूल कांग्रेस को अलविदा कहकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होने का मन बना लिया है। सूत्रों से मिली पुख्ता जानकारी के अनुसार, शनिवार को दुर्गापुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री डॉ. सुकांत मजूमदार की उपस्थिति में वह औपचारिक रूप से BJP का झंडा थाम सकते हैं। उनके इस फैसले को चुनाव से ऐन पहले दुर्गापुर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में TMC के लिए एक बड़े झटके के रूप में देखा जा रहा है।
विश्वनाथ पाड़ियाल का राजनीतिक कद दुर्गापुर की राजनीति में पिछले तीन दशकों से निर्विवाद रहा है। पांच बार पार्षद रहने के साथ-साथ वर्ष 2016 में उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर दुर्गापुर पश्चिम सीट से जीत हासिल की थी, जिसके बाद वे वापस तृणमूल कांग्रेस में लौट आए थे। हालांकि, राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि पिछले कुछ समय से पार्टी के भीतर उन्हें हाशिए पर धकेला जा रहा था। इस बार के विधानसभा चुनाव में पार्टी ने उनका टिकट काटकर कवि दत्त को उम्मीदवार बनाया, जिससे पाड़ियाल और उनके समर्थक बेहद आहत थे। पुराने कार्यकर्ताओं की उपेक्षा और नेतृत्व से बढ़ती दूरियों ने आखिरकार उन्हें पाला बदलने पर मजबूर कर दिया।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनाव से ठीक पांच दिन पहले विश्वनाथ पाड़ियाल जैसे जमीनी पकड़ वाले नेता का भाजपा में जाना न केवल टीएमसी के वोट बैंक में सेंध लगाएगा, बल्कि भाजपा के लिए एक मजबूत मनोवैज्ञानिक बढ़त भी साबित होगा। पाड़ियाल की क्षेत्र में गहरी पैठ है और उनके साथ बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं के भी भाजपा में शामिल होने की संभावना है। अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि ऐन मौके पर हुआ यह दल-बदल दुर्गापुर पश्चिम सीट के चुनावी नतीजों को किस हद तक प्रभावित करेगा। फिलहाल, इस हाई-प्रोफाइल दलबदल ने दुर्गापुर शिल्पांचल की राजनीतिक तपिश को चरम पर पहुंचा दिया है और भाजपा खेमे में उत्साह का माहौल है।


0 Comments