आसनसोल रेलपार में पुलिस चौकी में तोड़फोड़ पर मुख्यमंत्री शुभेन्दु अधिकारी ने कहा - किसी को बख्शा नहीं जाएगा, पुलिस ने अब तक 15 लोगो को कर चुकी है गिरफ्तार

आसनसोल: पश्चिम बंगाल में बीजेपी की सरकार बनते ही कैबिनेट की बैठक में मुख्यमंत्री शुभेन्दु अधिकारी ने कड़े महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इसी के तहत धार्मिक स्थानों में माइक धीमी गति से बजाने के भी दिशा-निर्देश जारी किए गए थे। आसनसोल उत्तर थाना क्षेत्र अधीन रेलपार के जहांगीरी मोहल्ला के पुलिस आउट पोस्ट में हुए तोड़फोड़ कर कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए मुख्यमंत्री शुभेन्दु अधिकारी ने कहा कि किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। दक्षिण 24 परगना जिले के डायमंड हार्बर में प्रशासनिक बैठक के दौरान पत्रकारों से रुबरु होते हुए मुख्यमंत्री शुभेन्दु अधिकारी ने यह भी कहा कि आसनसोल के रेलपार में घटी घटना की जानकारी ली है। पुलिस कड़ाई से मामले में कार्यवाही कर रही है। अभी तक 15 लोगो को इस मामले में गिरफ्तार किया जा चुका है। तोड़फोड़ की घटना का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री शुभेन्दु अधिकारी ने कहा कि सरकारी सम्पति का नुकसान पहुंचाना या पुलिस पर हमला करना किसी भी अवस्था में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सरकारी सम्पति के नुकसान की भरपाई अभियुक्तों द्वारा ही की जाएगी। सरकारी सम्पति के नुकसान का आकलन करने के बाद आरोपियों के निजी सम्पति से भरपाई की जाएगी। यह एक बार बता दे कि उत्तर प्रदेश में भी योगी आदित्यनाथ की सरकार ने सरकारी सम्पति का नुकसान करने की भरपाई अभियुक्तों के व्यक्तिगत सम्पति से की जाती है। प्रशासनिक बैठक के दौरान सीएम शुभेन्दु अधिकारी ने कहा कि किसी भी तरह की गैरकानूनी क्रियाकलाप को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। फिर चाहे वो अवैध बालू, अवैध कोयला, अवैध टोल टैक्स या जोर से माइक बजाने का मामला हो। सब पर पुलिस कार्यवाही करेगी। मुख्यमंत्री शुभेन्दु अधिकारी ने प्रशासनिक बैठक के दौरान राजनीतिक प्रश्न पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि मैं ऐसा बिल्कुल नहीं करुंगा, आप सभी संवाद माध्यम से निवेदन है कि प्रशासनिक बैठक में राजनीतिक सवाल न करे बल्कि सरकार के विकास से जुड़े और अन्य प्रशासनिक मामलों में ही सवाल करे, जिसका उत्तर मैं दूंगा और राजनीतिक सवालों का जबाव मैं बाहर निकलकर दूंगा। राज्य के नौंवे मुख्यमंत्री शुभेन्दु अधिकारी ने पूर्व सीएम ममता बनर्जी का नाम लिए बगैर कहा कि मैं किसी पुलिस अधिकारी या अन्य प्रशासनिक अधिकारी को नाम लेकर या तुमि बोलकर नहीं पुकारुंगा। पुलिस अधिकारी और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों की अपनी एक अन्य मर्यादा होती है। उन्हें सम्मान सहित प्रशासनिक बैठक में संबोधित करने की बात कही

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