कोलकाता :- पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य भर की सड़कों पर अवैध रूप से संचालित किए जा रहे टोल गेटों, ड्रॉप गेटों और बैरिकेड्स के विरुद्ध एक निर्णायक कदम उठाया है। मुख्य सचिव मनोज कुमार अग्रवाल द्वारा जारी आधिकारिक निर्देश के अनुसार, उन सभी संग्रह केंद्रों को तत्काल प्रभाव से बंद करने का आदेश दिया गया है जिन्हें राज्य सरकार के सक्षम प्राधिकारी द्वारा अनुमोदित या अधिकृत नहीं किया गया है। इस आदेश के तहत सभी जिलाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय ऐसे अनधिकृत टोल पॉइंट्स की पहचान करने और उन्हें तुरंत हटाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। साथ ही, प्रशासन को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि भविष्य में बिना उचित सरकारी अनुमति के ये अवैध केंद्र दोबारा स्थापित न हो सकें।
राज्य सरकार ने इस प्रशासनिक आदेश में स्पष्ट किया है कि अनधिकृत स्थानों पर शुल्क, प्रभार या कर की किसी भी प्रकार की वसूली को तत्काल प्रभाव से रोकना अनिवार्य है। इसके अतिरिक्त, सभी जिलों को अपने क्षेत्र के वैध और अवैध टोल संग्रह केंद्रों की एक व्यापक सूची तैयार करने को कहा गया है, जिसमें अधिकृत केंद्रों के टेंडर की अवधि और संग्रह करने वाली एजेंसी का विवरण भी शामिल होगा। यह विस्तृत रिपोर्ट आगामी 15 मई, 2026 को दोपहर 12 बजे तक सकारात्मक रूप से 'अंडर सेक्रेटरी' के पास जमा करनी होगी। मुख्य सचिव ने चेतावनी दी है कि इस आदेश का पालन अक्षरशः किया जाए और किसी भी प्रकार की लापरवाही या विफलता के लिए संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। इस कड़े कदम का मुख्य उद्देश्य सड़कों पर होने वाली अवैध वसूली को समाप्त कर यात्रियों और मालवाहक वाहनों की आवाजाही को पूरी तरह सुगम बनाना है।

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