कोलकाता: पश्चिम बंगाल में बीजेपी सरकार की पहली केबिनेट बैठक में राज्य के 9 वें मुख्यमंत्री शुभेन्दु अधिकारी ने अवैध कोयला एवं बालू सिंडिकेट के खिलाफ कड़ा निर्देश जारी किए। राज्य सरकार की प्रशासनिक बिल्डिंग नवान्न में केबिनेट की पहली बैठक के बाद जिलाशासकों के साथ मुख्यमंत्री शुभेन्दु अधिकारी ने बैठक की। इस बैठक में जिला शासकों को साफ निर्देश दिया गया कि अवैध बालू और कोयला पर लगाम लगाए जाए, सिंडिकेट राज पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाए जाए। यहां तक की मुख्यमंत्री शुभेन्दु अधिकारी ने बीरभूम जिले के जिला शासक को बालू तस्करी और सिंडिकेट पर कार्यवायी करने के निर्देश दिए। सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री शुभेन्दु अधिकारी ने जिला शासकों के साथ बैठक में इस बात को पूर्ण रुप से स्पष्ठ किया कि केवल कोयला और बालू ही नहीं बल्कि किसी भी तरह के सिंडिकेट राज को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। साथ ही साथ उन्होंने जिलाशासकों को इलाके के विधायकों के साथ बैठक कर विकास की रुप रेखा तैयार करने का निर्देश दिया। बताया जाता है कि इस बैठक में जिलाशासकों को 100 दिनों के कार्यो को लेकर भी कड़ा निर्देश दिए और कहा कि फर्जी जाॅब कार्ड की बारिकी से जांच-पड़ताल की जाए। पश्चिम बर्दवान जिले में अजय और दामोदर नदी है। इन दोनो नदियों से घिरा हुआ पश्चिम बर्दवान जिला, बीरभूम जिला और बांकुड़ा जिला। यहां पर अवैध बालू की तस्करी के कारण नदियों का अस्तित्व खत्म होने के कगार तक पहुंच गया है। सिंडिकेट राज के तहत अजय नदी और दामोदर नदी से अवैज्ञानिक तरीके से काफी संख्या में बालू की तस्करी की जाती थी। स्वयं राज्य की मंत्री आसनसोल दक्षिण विधानसभा केन्द्र की विधायक अग्निमित्रा पाल अवैध बालू की गाड़ी को पकड़कर पुलिस के हवाले किया था और ऐसा वाक्य एक-दो बार नहीं कई बार कर-कर प्रशासन को दिखाना चाहा। वही पश्चिम बर्दवान जिला कोलियरियों का जिला है। यहां हर कोलियरी में सिंडिकेट राज चल रहा है। अवैध खदानों से कोयला निकल कर अन्यत्र तस्करी की जाती है। फिलहाल कोयले की अवैध उत्खनन पर अंकुश लगाया गया है। परन्तु डीओ कोयला व्यापारियों से कोयला लिफ्टिंग के नाम पर मनमानी ढंग से दादागिरी टैक्स लिया जाता है। प्रत्येक डीओ कोयला व्यापारियों से कोयला उठाने के नाम पर प्रत्येक कोलियरी से प्रति टन 2100 रुपया दादागिरी टैक्स वसूला जाता है। इस समूचे दादागिरी टैक्स का संचालन सिंडिकेट राज के माध्यम से चलता है। हालांकि राज्य में आयी सत्ता परिवर्तन के बाद डीओ कोयला व्यापारियों ने इसके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। परंतु इसके बावजुद भी सिंडिकेट राज का आतंक खत्म नहीं हो रहा है। अभी भी कई कोलियरियों ने लिफ्टिंग के नाम पर जबरन दादागिरी टैक्स वसूला जा रहा है। नहीं देने पर ट्रक चालकों के साथ मारपीट, चालान छीन लेना आम बात हो चुकी है। सोमवार को केबिनेट की पहली बैठक में मुख्यमंत्री शुभेन्दु अधिकारी ने राज्य के समस्त जिलाशासकों के साथ बैठक की और सिंडिकेट राज के विरुद्ध कड़े निर्देश दिए। किसी भी हाल में सिंडिकेट चलाने वालो को बख्शा नहीं जाएगा। इसपर जीरो टालोरेंस की नीति अपनाने का निर्देश जिलाशासकों को दिया गया।

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