कोलकाता :- पश्चिम बंगाल में मतगणना से पहले तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए कोलकाता पुलिस के अंतर्गत आने वाले सभी केंद्रों पर धारा 163 (पूर्व में धारा 144) लागू कर दी गई है। चुनाव आयोग के निर्देशानुसार, स्ट्रॉन्ग रूम के 200 मीटर के दायरे में पांच या उससे अधिक व्यक्तियों के जमा होने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। किसी भी प्रकार के विरोध-प्रदर्शन या अप्रिय घटना को रोकने के लिए पुलिस ने स्पष्ट किया है कि उल्लंघन करने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस प्रशासनिक आदेश के बीच राजनीतिक हलचल भी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा ईवीएम में गड़बड़ी की आशंका जताने और कार्यकर्ताओं को कड़ी निगरानी रखने के निर्देश देने के कुछ ही घंटों बाद वह स्वयं बारिश के बीच भवानीपुर स्थित शाखावत मेमोरियल स्ट्रॉन्ग रूम पहुंचीं। इस दौरान वहां भाजपा और तृणमूल कार्यकर्ताओं के बीच भारी हंगामा हुआ, जिसे नियंत्रित करने के लिए केंद्रीय बलों को मोर्चा संभालना पड़ा। दूसरी ओर, खुदीराम अनुशीलन केंद्र के बाहर कुणाल घोष, डॉ. शशी पांजा और विजय उपाध्याय जैसे दिग्गज नेता धरने पर बैठ गए। उन्होंने स्ट्रॉन्ग रूम के भीतर संदिग्ध गतिविधियों और लाइव स्ट्रीमिंग में पोस्टल बैलेट के साथ छेड़छाड़ का आरोप लगाया है, जबकि चुनाव आयोग ने इन दावों को खारिज किया है। इन घटनाओं ने मतगणना से पहले राज्य के सियासी माहौल को बेहद संवेदनशील बना दिया है।



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