​सोमवार सुबह 8 बजे से शुरू होगी मतगणना, दोपहर 12 बजे तक साफ होगी चुनावी तस्वीर

कोलकाता :- पश्चिम बंगाल में सत्ता की बागडोर किसके हाथ में होगी और राज्य की जनता ने किसे अपना अगला प्रतिनिधि चुना है, इसकी तस्वीर अब साफ होने वाली है। मतदान की प्रक्रिया पूरी होने के बाद सभी की नजरें अब मतगणना पर टिकी हैं। आगामी 4 मई, सोमवार सुबह 8 बजे से वोटों की गिनती शुरू होगी, जिसके बाद यह स्पष्ट हो जाएगा कि बंगाल के सिंहासन पर कौन विराजमान होगा। हालांकि अंतिम परिणामों की आधिकारिक घोषणा में समय लग सकता है और कभी-कभी कुछ केंद्रों पर यह प्रक्रिया देर रात तक भी खिंच जाती है, लेकिन रुझानों के आधार पर दोपहर 12 बजे तक हार-जीत की एक प्रारंभिक तस्वीर उभरने की पूरी संभावना है।

चुनाव आयोग द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के तहत सबसे पहले पोस्टल बैलेट की गिनती की जाएगी और उसके बाद ईवीएम में दर्ज वोटों को गिना जाएगा। दोपहर तक कई राउंड की गिनती पूरी होने के साथ ही यह संकेत मिलने लगेंगे कि बंगाल की जनता ने किस दल पर अपना भरोसा जताया है। हालांकि, कड़े मुकाबले वाले केंद्रों पर परिणाम पल-पल बदल सकते हैं, जहाँ दो या दो से अधिक प्रत्याशियों के बीच कांटे की टक्कर होने की उम्मीद है।


राज्य में इस बार दो चरणों में मतदान संपन्न हुआ है। पहले चरण का मतदान 23 अप्रैल को हुआ था, जबकि दूसरे चरण की प्रक्रिया 29 अप्रैल को पूरी हुई। फिलहाल मतदाताओं का फैसला ईवीएम और वीवीपीएटी मशीनों के साथ स्ट्रॉन्ग रूम में पूरी सुरक्षा के बीच कैद है। मतदान के तुरंत बाद सभी मशीनों को विभिन्न राजनीतिक दलों के एजेंटों की मौजूदगी में सील कर दिया गया था। अब सोमवार को चुनाव आयोग के अधिकारियों और पार्टी प्रतिनिधियों की उपस्थिति में इन सीलों को खोला जाएगा।

सुरक्षा के मोर्चे पर चुनाव आयोग ने कोई कसर नहीं छोड़ी है। स्ट्रॉन्ग रूम की जिम्मेदारी सीधे रिटर्निंग ऑफिसर के पास है और इसकी सुरक्षा के लिए केंद्रीय बलों की भारी तैनाती की गई है। आयोग के अनुसार, प्रत्येक स्ट्रॉन्ग रूम की सुरक्षा में कम से कम 24 केंद्रीय जवान तैनात हैं और पूरे परिसर की सीसीटीवी कैमरों से 24 घंटे निगरानी की जा रही है। स्ट्रॉन्ग रूम में 'डबल लॉक सिस्टम' लागू है और वहां आने-जाने वाले हर व्यक्ति का विवरण लॉगबुक में दर्ज किया जा रहा है। राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को भी स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर एक निश्चित दायरे में रहने की अनुमति दी गई है।


मतगणना के लिए विशेष काउंटिंग हॉल तैयार किए गए हैं, जहाँ सुरक्षा के कड़े घेरे में वोटों की गिनती होगी। आयोग ने निर्देश दिया है कि ईवीएम लाने और ले जाने के लिए सुरक्षित गलियारे बनाए जाएं और एक हॉल से दूसरे हॉल में आवाजाही को प्रतिबंधित रखा जाए। अब बस सोमवार सुबह का इंतजार है, जब ईवीएम के बटन दबते ही बंगाल के राजनीतिक भविष्य का खुलासा होगा।

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