Asansol में आस्था की जीत, बस्तिन बाजार के मां दुर्गा के मंदिर में पूजा अर्चना शुरू

आसनसोल :- पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के परिणामों के बाद आसनसोल के बस्तिन बाजार में खुशियों का एक नया सवेरा हुआ है, जहाँ श्री-श्री दुर्गामाता चैरिटेबल ट्रस्ट के ऐतिहासिक मंदिर के द्वार करीब 15 साल बाद भक्तों के लिए स्थायी रूप से खोल दिए गए हैं। लंबे समय से कानूनी और अन्य विवादों के कारण बंद रहे इस मंदिर के खुलने से पूरे इलाके में उत्सव और धार्मिक उत्साह का माहौल है। स्थानीय निवासियों के लिए यह एक भावुक क्षण रहा, क्योंकि वर्षों से वे केवल दुर्गा पूजा या लक्ष्मी पूजा जैसे विशेष पर्वों पर ही माँ के दर्शन कर पाते थे, जबकि बाकी समय मंदिर के कपाट बंद रहते थे। इस मंदिर का खुलना उस वादे का प्रतिफल है जो चुनाव प्रचार के दौरान आसनसोल उत्तर से भाजपा प्रत्याशी कृष्णेंदु मुखर्जी ने किया था, जिसमें उन्होंने जीत मिलने पर मंदिर को साल के 365 दिन श्रद्धालुओं के लिए उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता जताई थी।



मंगलवार सुबह से ही मंदिर प्रांगण में श्रद्धालुओं का तांता लगना शुरू हो गया, जो अपनी आंखों से इस ऐतिहासिक क्षण का गवाह बनने के लिए व्याकुल थे। मंदिर के कपाट खुलने के साथ ही सबसे पहले पूरे परिसर की भव्य तरीके से साफ-सफाई की गई, जिसके बाद बड़ी संख्या में भक्तों ने पूरी श्रद्धा और विधि-विधान के साथ माँ दुर्गा की विशेष पूजा-अर्चना की। जयकारों की गूंज और शंख की ध्वनि के बीच भक्तों ने माँ का आशीर्वाद लिया और इस उपलब्धि को अपनी आस्था की जीत बताया। लगभग डेढ़ दशक के लंबे इंतजार के बाद मंदिर की नियमित गतिविधियों की बहाली ने न केवल भक्तों की मुराद पूरी की है, बल्कि इसे क्षेत्र में एक बड़े सांस्कृतिक और धार्मिक बदलाव के रूप में भी देखा जा रहा है।

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